Monday, August 8, 2022
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Atul Rai News: दुष्कर्म मामले में BSP सांसद अतुल राय बरी, 36 महीने से नैनी जेल में थे बंद

गाजीपुर जिले के भंवरकोल थाना क्षेत्र के बीरपुर गांव के रहने वाले अतुल राय वाराणसी के मंडुवाडीह थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। 2009 से अब तक अतुल राय के खिलाफ 27 से अधिक मामले दर्ज हैं।

वाराणसी: बहुजन समाज पार्टी के सांसद अतुल राय को MP-MLA कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें रेप के केस में बरी कर दिया है। बता दें कि अतुल राय 36 महीने से नैनी जेल में बंद थे। तीन साल पहले वाराणसी में अतुल राय के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया गया था। कुछ महीनों बाद पीड़िता और गवाह ने सुप्रीम कोर्ट के सामने आत्मदाह कर लिया था।

अतुल राय उत्तर प्रदेश की घोसी लोकसभा से बसपा के सांसद हैं। वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई से पहले सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराधी) ज्योति शंकर उपाध्याय ने बताया कि अतुल राय दोषी साबित होने से बच नहीं सकते। उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। कोर्ट के फैसले के बाद अतुल राय को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की जाएगी।

बता दें कि अतुल के खिलाफ यह मामला 1 मई 2019 को बलिया जिले के निवासी और वाराणसी के यूपी कॉलेज के पूर्व छात्र ने लंका थाने में दर्ज कराया था. पिछले साल अगस्त में रेप पीड़िता और उसके गवाह ने न्याय के अभाव और बेवजह प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के सामने खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर लिया था।

1 मई 2019 को पीड़िता ने दी थी तहरीर

1 मई 2019 को पीड़िता ने अपनी तहरीर में लिखा था कि वाराणसी में पढ़ाई के दौरान उसका परिचय अतुल राय से हुआ था। मार्च 2018 में अतुल उसे अपनी पत्नी से मिलने के लिए कहकर चितईपुर के एक फ्लैट में ले गया, लेकिन वहां कोई नहीं था। इस दौरान उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। उसकी फोटो भी खींची और वीडियो भी बनाया।

इसके बाद अतुल ने ब्लैकमेल कर उसके साथ रेप करना शुरू कर दिया। विरोध करने पर अतुल राय उसे जान से मारने की धमकी देता था और साथ ही उसके परिवार को भी देख लेने की धमकी देता था। मामला दर्ज होने के बाद अतुल राय कुछ दिनों के लिए अंडरग्राउंड हो गए थे। 22 जून 2019 को अतुल ने लोकसभा चुनाव जीतकर वाराणसी की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। फिलहाल वह प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में बंद हैं।

मुख्तारी के करीबी रहे हैं अतुल राय

गाजीपुर जिले के भंवरकोल थाना क्षेत्र के बीरपुर गांव के रहने वाले अतुल राय वाराणसी के मंडुवाडीह थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। 2009 से अब तक अतुल राय के खिलाफ 27 से अधिक मामले दर्ज हैं। वाराणसी में बीएससी की पढ़ाई के दौरान अतुल का झुकाव पूर्व विधायक माफिया मुख्तार अंसारी की ओर बढ़ता गया। 2019 के लोकसभा चुनाव में मुख्तार चाहते थे कि उनका बेटा अब्बास घोसी से बसपा उम्मीदवार बने। लेकिन अतुल ने 14 अप्रैल, 2019 को बसपा का टिकट हासिल कर लिया।

जानिए कब-कब क्या-क्या हुआ…

1 मई 2019- बलिया जिले की रहने वाली व वाराणसी के यूपी कॉलेज की पूर्व छात्रा ने अतुल राय के खिलाफ लंका थाने में दुष्कर्म व अन्य आरोप में मुकदमा दर्ज कराया।
22 जून 2019- बसपा सांसद अतुल राय ने वाराणसी कोर्ट में किया सरेंडर, जेल भेजा गए।
16 अगस्त 2021- पीड़ित और गवाह सत्यम प्रकाश राय ने फेसबुक पर लाइव जाकर सुप्रीम कोर्ट के सामने आत्मदाह कर लिया।
21 अगस्त 2021- गवाह सत्यम प्रकाश राय की इलाज के दौरान मौत हो गई।
24 अगस्त 2021- रेप पीड़िता की मौत हो गई।

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