बालासोर यौन उत्पीड़न केस: जिंदगी की जंग हार गई छात्रा, 3 दिन मौत से जूझने के बाद AIIMS भुवनेश्वर में तोड़ा दम

Balasore Student Self-Immolation Case Update: ओडिशा के बालासोर में आत्मदाह की कोशिश करने वाली छात्रा की कल रात को मौत हो गई। छात्रा का इलाज भुवनेश्वर के एम्स अस्पताल में चल रहा था, जहां पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू भी पीड़िता से मिलने पहुंची थीं।

Balasore Case

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Balasore Student Self-Immolation Case Update: ओडिशा के बालासोर में एक छात्रा ने यौन उत्पीड़न का विरोध करने के लिए खुद को आग लगा ली। पीड़िता का करीब 95 फीसदी हिस्सा जल चुका था। तत्काल कार्रवाई करते हुए छात्रा को भुवनेश्वर के एम्स में भर्ती कराया गया, जहां पर पीड़िता ने दम तोड़ दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्रा की मौत 14 जुलाई की रात करीब 11:45 बजे हुई है। उसके पहले बीजेडी का एक प्रतिनिधिमंडल इस मामले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचा था।

ICU में एडमिट थी पीड़ित छात्रा

आत्मदाह के बाद 12 जुलाई 2025 को छात्रा को गंभीर हालत में भुवनेश्वर के एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां पर उसका इलाज किया जा रहा था। हालांकि, इसी बीच डॉक्टर का बयान भी सामने आया था, जिसमें उन्होंने कहा कि लड़की की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इलाज के दौरान ही 14 जुलाई की रात में छात्रा ने दम तोड़ दिया। इससे पहले देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू भी पीड़िता का हालचाल लेने के लिए अस्पताल पहुंची थीं।

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‘बचाने की हुई हर संभव कोशिश’

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एम्स भुवनेश्वर के बर्न सेंटर डिपार्टमेंट ने बताया कि ‘छात्रा को वेंटिलेशन पर रखा गया था, जिसे दवाइयों के जरिए जिंदा रखने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन हर कोशिश करने के बाद भी उसको बचाया नहीं जा सका। वहीं, 14 जुलाई की रात 11:46 बजे उसे चिकित्सकीय रूप से मृत घोषित कर दिया गया।’ ओडिशा के मुख्यमंत्री चरण मांझी ने भी आरोपियों को सजा दिलाने का संकल्प लिया है।

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राष्ट्रपति से मिला BJD का प्रतिनिधिमंडल

बालासोर छात्रा आत्मदाह मामले में BJD के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। नेता सुलता देव ने ANI को बताया कि ‘बीजद प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिला। यह बहुत शर्मनाक है कि ओडिशा में महिलाओं और आदिवासियों के खिलाफ लगातार जुल्म हो रहे हैं।’ वहीं, बीजेडी नेता स्नेहांगिनी छुरिया का कहना है कि ‘बालासोर पीड़िता की किसी ने नहीं सुनी। इसलिए उसने अपनी जान देने का फैसला किया।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘अब ओडिशा में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ का नारा ‘बेटी पढ़ाओ बेटी जलाओ’ में बदल गया है।’

बता दें कि छात्रा पिछले कुछ दिनों से यौन उत्पीड़न झेल रही थी, जिसके लिए उसने शिकायत भी की थी। जब छात्रा इस सबसे परेशान हो गई, तो आत्मदाह की कोशिश की। इसके बाद से ही प्रदेश में जगह-जगह पर प्रदर्शन भी हो रहे हैं।

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