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ईरान युद्ध से भारत का भारी नुकसान, दुबई पोर्ट पर सड़ रहीं सब्जियां-फल, 1000 कंटेनरों को सप्लाई का इंतजार

US Israel Iran War Impact: इजरायल और ईरान की जंग में भारत को नुकसान उठाना पड़ रहा है। क्योंकि खाड़ी देशों को जाने वाला और वहां से आने वाला माल सड़ रहा है। सबसे ज्यादा नुकसान फल और सब्जियों का उठाना पड़ेगा, जो 7 दिन से दुबई में बंदरगाह पर सड़ रही हैं।

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इजरायल और ईरान के बीच 7 दिन से जंग छिड़ी हुई है।

US Israel Iran War Impact: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग से भारत को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारत के किसानों, आयातकों और निर्यातकों का माल दुबई पोर्ट पर फंसा है। भारत में जवाहर लाल नेहरू पोर्ट पर भी माल की लोडिंग समय पर नहीं होने से भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। 28 फरवरी से की दोनों पोर्ट पर काम ठप है। माल से भरे कंटेनर न इंपोर्ट हो रहे हैं और न एक्सपोर्ट हो रहे हैं। इस वजह से भारत को करोड़ों का नुकसान होगा।

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पोर्ट पर करीब 1000 कंटेनर फंस गए

मिली जानकारी के अनुसार, दुबई की जेबल अली बंदरगाह पर महाराष्ट्र से गए करीब 1000 कंटेनर फंसे हैं, जिनमें फल और सब्जियां भरी हुई हैं। सप्लाई नहीं होने के कारण यह माल सड़ रहा है। दुबई का यह बंदरगाह जेबेल अली पोर्ट मिडिल ईस्‍ट का सेंटर पॉइंट है। इस पोर्ट से खाड़ी देशों में शिपमेंट आती और जाती है, लेकिन पिछले एक हफ्ते से इस पोर्ट से माल खाड़ी देशों में नहीं जा रहा है और न ही माल भारत तक आ रहा है, इस वजह से नुकसान हो रहा है।

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भारतीय निर्यातकों को भारी नुकसान

बता दें कि दुबई पोर्ट पर फंसे कंटेनरों में केले, अंगूर, अनार, तरबूज, पत्तेदार सब्जियां और प्याज भरे हैं। यह चीजें कम समय तक टिकती हैं और 7 दिन में सड़ने लगी होंगी। वहीं कंटेनर पोर्ट पर ऐसे समय में फंसे हैं जब खाड़ी देशों में रमजान के दौरान फलों विशेषकर अंगूर और अनार की मांग चरम पर होती है, लेकिन इस बार यु्द्ध के कारण जहां रोजे रखने वालों को परेशानी हो रही हैं, वहीं भारत के कृषि निर्यातकों का कारोबार भी ठप होने की आशंका है।

सबसे ज्यादा नुकसान अंगूर से होगा

बता दें कि जंग के कारण सबसे ज्यादा नुकसान अंगूरों के निर्यातकों को होगा। क्योंकि रमजान के महीने में खाड़ी देशों में इस फल की मांग बहुत ज्यादा होती है। इसलिए इस बार 5000 से 6000 टन अंगूर का निर्यात किया गया था, लेकिन सप्लाई न होने के कारण यह माल स रहा है। अगर जंग खत्म न हुई तो पूरा माल खराब होगा और पूरा घाटा उठाना पड़ेगा। अगर जंग खत्म हो जाती है तो भी सड़ चुके माल का खरीदार मिलना मुश्किल होगा।

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किसान संगठनों की सरकार से मांग

मुंबई के जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (JNPT) पर दुबई जाने वाले अंगूर के लगभग 80 कंटेनर फंसे हैं। नासिक से आए 200 से ज्यादा कंटेनर भी फंसे हैं। किसान संगठनों ने सरकार से अपील की है कि वे मामले में सहयेाग करें। महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भरत दिघोले ने सरकार से प्रति क्विंटल 1500 रुपये की सब्सिडी देने की मांग की। सब्सिडी के साथ-साथ बंदरगाह शुल्क और विलंब शुल्क माफ करने और अस्थायी खरीद योजना शुरू करने की भी मांग की गई है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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