Udhayanidhi Stalin Slams Amit Shah Message On Hindi Diwas: सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी बीमारी बताने वाले तमिलनाडु के युवा मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने अब हिंदी का अपमान किया है। उदयनिधि स्टालिन ने अमित शाह के हिंदी दिवस संदेश पर पलटवार करते हुए कहा कि जो भाषा सिर्फ चार-पांच राज्यों में बोली जाती है, उसके लिए यह कैसे कहा जा सकता है कि वह पूरे भारत को एकजुट करती है। उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे हैं। बीते दिनों उन्होंने सनातन धर्म को बीमारी बताकर उसके खात्मे की बात कही थी। जिस पर पूरे देश में हंगामा हुआ।
पहले जानिए अमित शाह ने क्या कहा?
दरअसल, हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदी दिवस की देशवासियों को बधाई दी। इसके आगे कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की भाषाओं की विविधिता को एकता के सूत्र में पिरोने का नाम हिंदी है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक देश को हिंदी ने एकसूत्र में बांधने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि हिंदी दिवस के मौके पर राजभाषा हिंदी समेत सभी भारतीय भाषाओं को सशक्त करने का संकल्प लेना चाहिए।
https://twitter.com/Udhaystalin/status/1702253640982135082
अमित शाह को अत्याचार बंद करना चाहिए
अमित शाह के बयान के बाद उदयनिधि स्टालिन ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। स्टालिन ने लिखा कि मैं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान की कड़ी निंदा करता हूं जिसमें उन्होंने दावा किया है कि हिंदी भारत को एकजुट करने वाली शक्ति है और यह अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को सशक्त बना रही है।
देश में केवल चार या पांच राज्यों में ही हिंदी बोली जाती है और इसलिए अमित शाह का बयान पूरी तरह से बेतुका है। यह आजीविका पैदा करने की आड़ में हिंदी थोपने का ही दूसरा संस्करण है। उदयनिधि ने तमिलनाडु और केरल का उदाहरण देकर अमित शाह के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जहां हम यहां तमिल बोलते हैं, वहीं केरल मलयालम बोलता है। हिंदी कहां समाहित होकर हमें सशक्त बनाती है? गृह मंत्री अमित शाह को अन्य भाषाओं को सिर्फ क्षेत्रीय भाषा नहीं कहना चाहिए। उन्हें यह अत्याचार बंद कर देना चाहिए।
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Udhayanidhi Stalin Slams Amit Shah Message On Hindi Diwas: सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी बीमारी बताने वाले तमिलनाडु के युवा मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने अब हिंदी का अपमान किया है। उदयनिधि स्टालिन ने अमित शाह के हिंदी दिवस संदेश पर पलटवार करते हुए कहा कि जो भाषा सिर्फ चार-पांच राज्यों में बोली जाती है, उसके लिए यह कैसे कहा जा सकता है कि वह पूरे भारत को एकजुट करती है। उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे हैं। बीते दिनों उन्होंने सनातन धर्म को बीमारी बताकर उसके खात्मे की बात कही थी। जिस पर पूरे देश में हंगामा हुआ।
पहले जानिए अमित शाह ने क्या कहा?
दरअसल, हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदी दिवस की देशवासियों को बधाई दी। इसके आगे कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की भाषाओं की विविधिता को एकता के सूत्र में पिरोने का नाम हिंदी है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक देश को हिंदी ने एकसूत्र में बांधने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि हिंदी दिवस के मौके पर राजभाषा हिंदी समेत सभी भारतीय भाषाओं को सशक्त करने का संकल्प लेना चाहिए।
अमित शाह को अत्याचार बंद करना चाहिए
अमित शाह के बयान के बाद उदयनिधि स्टालिन ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। स्टालिन ने लिखा कि मैं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान की कड़ी निंदा करता हूं जिसमें उन्होंने दावा किया है कि हिंदी भारत को एकजुट करने वाली शक्ति है और यह अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को सशक्त बना रही है।
देश में केवल चार या पांच राज्यों में ही हिंदी बोली जाती है और इसलिए अमित शाह का बयान पूरी तरह से बेतुका है। यह आजीविका पैदा करने की आड़ में हिंदी थोपने का ही दूसरा संस्करण है। उदयनिधि ने तमिलनाडु और केरल का उदाहरण देकर अमित शाह के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जहां हम यहां तमिल बोलते हैं, वहीं केरल मलयालम बोलता है। हिंदी कहां समाहित होकर हमें सशक्त बनाती है? गृह मंत्री अमित शाह को अन्य भाषाओं को सिर्फ क्षेत्रीय भाषा नहीं कहना चाहिए। उन्हें यह अत्याचार बंद कर देना चाहिए।
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