अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने नई दिल्ली स्थित अफगान दूतावास में नूर अहमद नूर को अपना नया दूत नियुक्त किया है. बता दें कि अफगानिस्तान में साल 2021 में हुए सत्ता परिवर्तन के लिहाज से भी ये नियुक्ति अहम मानी जा रही है क्योंकि यह पहली बार है जब कोई अफगान दूत औपचारिक तौर पर भारत में कार्यभार संभालने के लिए पहुंचा है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नूर अहमद नूर दिल्ली पहुंच चुके हैं और जल्दी ही अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे.
पिछले कुछ महीनों में भारत और अफगानिस्तान के बीच मानवीय सहायता और व्यापारिक बातचीत का सिलसिला पहले से आगे बढ़ा है. नूर की यह तैनाती दोनों देशों के बीच भविष्य के कूटनीतिक रिश्तों की नई दिशा तय कर सकती है. इस कदम से दोनों पक्षों के बीच संवाद के दरवाजे और अधिक खुलने की उम्मीद जताई जा रही है.
कौन हैं नूर अहमद नूर?
मिली जानकारी के अनुसार, नूर अहमद नूर अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय में एक बेहद अनुभवी राजनयिक माने जाते हैं. वह वहां के पहले राजनीतिक विभाग (First Political Director) के डायरेक्टर जनरल के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं. बता दें कि नूर अहमद नूर की नियुक्ति का फैसला अक्टूबर 2025 में अफगान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की भारत यात्रा के दौरान लिया गया था. तब मुत्ताकी ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी.
वहीं, नूर की पहचान एक मंझे हुए करियर डिप्लोमैट के रूप में देखी जाती है. उन्हें मुफ्ती नूर अहमद नूर के नाम से भी जाना जाता है. नूर उस उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का भी हिस्सा थे जो दिल्ली आया था. उन्होंने देवबंद स्थित दारुल उलूम मदरसे का भी दौरा किया था. अब नूर अहमद को दिल्ली में ‘चार्ज डी अफेयर्स’ (Charge d’Affaires) के तौर पर मिशन की कमान सौंपी गई है.










