जम्मू डिवीजन में एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संदिग्ध ड्रोन गतिविधियां देखी गई हैं. ये गतिविधियां सांबा, कठुआ, राजौरी, पुंछ और जम्मू के कुछ इलाकों में सामने आई हैं. नौशेरा सेक्टर के राजौरी इलाके में भारतीय सेना ने एक पाकिस्तानी ड्रोन पर फायरिंग भी की है. हालांकि अब तक अधिकारियों की ओर से ड्रोन की प्रकृति या उसके स्रोत को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. एहतियात के तौर पर सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है और पूरे बॉर्डर बेल्ट पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है.
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में LoC के साथ लगे गनिया-कलसियन गांव के ऊपर करीब 6:35 बजे संदिग्ध ड्रोन की गतिविधि देखी गई. सेना की टुकड़ियों ने लाइट मशीन गनों से गोलीबारी की, उसी समय राजौरी के तरियाथ क्षेत्र के खब्बर गांव के ऊपर भी एक अन्य ड्रोन दिखा. यह ड्रोन कलकोट के धर्मशाला गांव की ओर से आया और भरख की ओर बढ़ा. अधिकारियों के अनुसार, संबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में चक बब्राल गांव के ऊपर भी 7:15 बजे के करीब इसी तरह का ब्लिंकिंग लाइट वाला ऑब्जेक्ट कई मिनटों तक मंडराया.
गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान की तरफ से कई ड्रोन भेजे गए, जिन्हें भारतीय सेना के सुरक्षा कवच ने मार गिराया. पाकिस्तान अक्सर मुंह की खाने के बाद छिपकर वार जरूर करता है. सैन्य ताकत से नहीं तो आतंकी गतिविधियों के जरिए पाकिस्तान हमेशा से भारत की शांति को भंग करने की कोशिश करता रहता है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सैन्य बलों ने पाकिस्तान की हर हरकत का मुंह तोड़ जवाब दिया था. यहां तक कि पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को भी तबाह कर दिया था.










