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इंग्लिश में ऑनर्स, जा चुके हैं जेल, कौन हैं दत्तात्रेय होसबाले? जिन्हें दूसरी बार चुना गया RSS का सरकार्यवाह

Dattatreya Hosabale: दत्तात्रेय होसबाले साल 1975-77 जेपी आंदोलन के दौरान 14 महीने के लिए जेल में रहे थे। उन्हें अंग्रेजी, कन्नड़, संस्कृत, तामिल, मराठी, और हिंदी समेत अन्य भाषाओं का ज्ञान है। आरएसएस में हर तीन साल में जिला संघचालक, प्रांत और क्षेत्र संघचालक समेत अन्य पदों पर चुनाव होते हैं।

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Edited By : Amit Kasana Updated: Mar 17, 2024 16:33
dattatreya hosabale
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Dattatreya Hosabale: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने रविवार को दूसरी बार दत्तात्रेय होसबाले को संगठन का सरकार्यवाह चुना है। RSS ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस बारे में जानकारी दी। आरएसएस ने पोस्ट कर लिखा संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में सरकार्यवाह पद (2024-2027) के लिए दत्तात्रेय होसबाले को दोबारा चुना गया है।

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6 साल बाद हो रही तीन दिवसीय सभा

दरअसल, नागपुर में आरएसएस की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा चल रही है। यह सभा 15 मार्च को शुरू हुई थी। करीब छह साल के बाद यह बैठक हो रही है। इस बैठक में अलग-अलग जगहों से आरएसएस प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। जिसमें सर्वसम्मति से दत्तात्रेय होसबाले को आरएसएस का सरकार्यवाह चुना गया है। बता दें होसबाले साल 2021 से सरकार्यवाह का दायित्व संभाल रहे हैं।

कौन हैं दत्तात्रेय होसबाले?

  • 1 दिसंबर, 1955 में कर्नाटक के शिमोगा में स्थित सोराबा गांव में जन्म हुआ।
  • प्राथमिक शिक्षा कर्नाटक में हुई। बैंगलोर यूनिवर्सिटी से इंग्लिश ऑनर्स की।
  • साल 1968 में RSS से जुड़े, तब उनकी उम्र 13 साल थी। साल 1972 में ABVP ज्वाइन की थी, वह ABVP में राष्ट्रीय मंत्री, सह संगठन मंत्री और कर्नाटक के प्रदेश संगठन मंत्री समेत कई पदों पर रहे।
  • 2002 में संघ के अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख चुने गए।
  • 2009 से संघ में सह सरकार्यवाह बनाए गए थे।

14 महीने जेल में रहे

दत्तात्रेय होसबाले साल 1975-77 के दौरान 14 महीने के लिए जेल में रहे थे। उस समय जेपी आंदोलन चल रहा था और वह उसमें शामिल थे। दत्तात्रेय होसबाले को अंग्रेजी, कन्नड़, संस्कृत, तामिल, मराठी, और हिंदी समेत अन्य भाषाओं का ज्ञान है। सर संघचालक के बाद सरकार्यवाह आरएसएस का दूसरा महत्वपूर्ण पद है। बता दें आरएसएस में हर तीन साल में जिला संघचालक, प्रांत और क्षेत्र संघचालक और विभाग संघचालक समेत अन्य पदों पर चुनाव होते हैं।

First published on: Mar 17, 2024 04:25 PM

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