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देश

‘शांतिपूर्ण विरोध करना ही अपराध’, राहुल गांधी का केंद्र पर तीखा हमला, बोले-भारत का लोकतंत्र खतरे में

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर नाराजगी जाहिर करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. हालिया घटनाओं और विरोध प्रदर्शनों पर हुई कार्रवाई का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने देश की लोकतांत्रिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

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Edited By : Vijay Jain Updated: Feb 26, 2026 15:14

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर शेयर की पोस्ट में केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भारत में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को सबसे बड़ा अपराध बना दिया गया है. उन्होंने लिखा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को धीरे-धीरे उस राह पर धकेला जा रहा है, जहां असहमति को देशद्रोह और सवाल पूछने को साजिश का नाम दिया जाता है. राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि चाहे मुद्दा कोई भी हो, अगर कोई संवैधानिक तरीके से सत्ता के खिलाफ आवाज उठाता है तो लाठी, मुकदमा और जेल लगभग तय हो जाता है. उन्होंने कई उदाहरण देकर अपनी बात को मजबूत किया.

पेपर लीक से त्रस्त युवाओं को मिलीं लाठियां

पेपर लीक से त्रस्त युवाओं ने अपने भविष्य को लेकर आवाज उठाई, लेकिन उन्हें लाठियों का जवाब मिला. देश की गौरवशाली महिला पहलवानों ने भाजपा के प्रभावशाली नेता पर लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की. उनकी पुकार को बदनाम किया गया, आंदोलन को कुचला गया और उन्हें सड़कों से जबरन हटा दिया गया. एक रेप पीड़िता के समर्थन में इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ, लेकिन न्याय की मांग को व्यवस्था के लिए ‘असुविधा’ मानकर हटा दिया गया. युवा कांग्रेस ने देश के अहित वाले US ट्रेड डील का शांतिपूर्ण विरोध किया तो उन्हें ‘देशविरोधी’ बताकर गिरफ्तार कर लिया गया.

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आज एक सशक्त पोस्ट में केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भारत में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को सबसे बड़ा अपराध बना दिया गया है. उन्होंने लिखा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को धीरे-धीरे उस राह पर धकेला जा रहा है, जहां असहमति को देशद्रोह और सवाल पूछने को साजिश का नाम दिया जाता है.

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पर्यावरण की चिंता को ‘राजनीति’ का नाम देकर दबाया

ट्वीट में राहुल गांधी आगे लिखते हैं कि जब आम लोग जहरीली हवा के खिलाफ खड़े हुए तो पर्यावरण की चिंता को भी ‘राजनीति’ का नाम देकर दबा दिया गया. किसानों ने अपने अधिकारों के लिए आंदोलन किया तो उन्हें देशविरोधी करार दिया गया. आंसू गैस, रबर की गोलियां, पानी की बौछारें और लाठियां–यही संवाद का माध्यम बन गया. आदिवासी समुदाय जब अपने जल, जंगल और जमीन के हक के लिए खड़ा हुआ तो उन पर भी शक की नजर डाली गई. मानो अपने अधिकार मांगना खुद में अपराध हो.

सवाल पूछना लोकतंत्र की कमजोरी नहीं, उसकी ताकत

राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि यह कैसा लोकतंत्र है जहां Compromised PM सवालों से डरते हैं? जहां असहमति को कुचलना शासन का स्वभाव बनता जा रहा है? उन्होंने जोर देकर कहा कि शांतिपूर्ण विरोध अपराध नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा है. सवाल पूछना लोकतंत्र की कमजोरी नहीं, उसकी ताकत है. लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब सरकार आलोचना सुनती है, जवाब देती है और जवाबदेह रहती है. अंत में राहुल गांधी ने संदेश दिया- ‘मोदी जी, ये नॉर्थ कोरिया नहीं, भारत है. जब सत्ता खुद को राष्ट्र समझने लगे और असहमति को दुश्मन मानने लगे, तब लोकतंत्र मर जाता है.

First published on: Feb 26, 2026 03:12 PM

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