Rahul Gandhi And Naravane Book Row: पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब पर विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुक को लेकर केंद्र सरकार के जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि बुक पब्लिशन पेंगुइन झूठ बोल रहा है। किताब साल 2023 में छपी है और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Amazon पर उपलब्ध है। पेंगुइन और नरवणे दोनों ने खुद ट्वीट करके बिक्री के लिए बुक उपलब्ध होने का संदेश लोगों का दिया था।
Hello friends. My book is available now. Just follow the link. Happy reading. Jai Hind pic.twitter.com/VCiLiZOWIi
---विज्ञापन---— Manoj Naravane (@ManojNaravane) December 15, 2023
राहुल गांधी ने किया नरवणे के ट्वीट का जिक्र
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब के कथित प्रसार की जांच करने के लिए FIR दर्ज की है। इस पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि नरवणे ने साल 2023 में एक ट्वीट लिखा था, जिसमें उन्होंने अपनी किताब के अमेजोन पर उपलब्ध होने के बारे में लिखा कि मेरी किताब अब उपलब्ध है, खरीदने के लिए लिंक पर क्लिक करें। इसका मतलबय है कि या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं या पेंगुइन पब्लिशन झूठ बोल रहा है।
2 प्लेटफॉर्म पर बुक उपलब्ध होने का दावा
राहुल गांधी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि पूर्व सेना प्रमुख झूठ बोलेंगे। पेंगुइन कंपनी का दावा है कि बुक पब्लिश ही नहीं हुई है, जबकि बुक ऑनलाइन उपलब्ध है। मैं पेंगुइन कंपनी से ज्यादा नरवणे पर विश्वास करता हूं, लेकिन क्या आप नरवणे से ज्यादा पेंगुइन पर विश्वास करते हैं? नरवणे ने अपनी बुक में कुछ ऐसे बयान दिए हैं जो भारत सरकार और प्रधानमंत्री के लिए असुविधाजनक हैं। अब लोग यह खुद तय करें कि पेंगुइन या नरवणे, कौन सच कौन झूठ बोल रहा है?
#WATCH | On Delhi Police files FIR to investigate alleged circulation of former Army chief General MM Naravane's (Retd) unpublished book, LoP Lok Sabha Rahul Gandhi says," Here is a tweet from Mr Naravane which says -"Just follow the link to my book". The point I am making is -… pic.twitter.com/zeHbtzJpjJ
— ANI (@ANI) February 10, 2026
निशिकांत दुबे की सख्त कार्रवाई की मांग
वहीं निशिकांत दुबे का कहना है कि पेंगुइन कंपनी ने बयान जारी कर कहा है कि यह किताब न छपी है और न ही जारी की गई है और वे इस पर कार्रवाई करेंगे। संसद के अपने नियम हैं और किसी को भी सदन को गुमराह करने की अनुमति नहीं है। अगर प्रकाशक कह रहा है कि किताब प्रकाशित नहीं हुई तो वे कौन सी किताब दिखा रहे हैं? मैं स्पीकर से आग्रह करता हूं कि राहुल गांधी और देश को नुकसान पहुंचाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।










