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क्या सड़क हादसे के घायल को अस्पताल पहुंचाने पर सच में मिलते हैं 25 हजार? नितिन गडकरी से जानें सच्चाई

Get honoured 25000 in cash reward: नेशनल हाईवे पर अगर कोई एक्सीडेंट होता है तो क्या सच में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को 25 हजार रुपये मिलते हैं? केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी खुद इस वायरल दावे की सच्चाई बताते हैं. दरअसल, यह संभव होगा राह वीर योजना के तहत. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) ने 21 अप्रैल, 2025 को इस योजना की घोषणा की थी. यह योजना 31 मार्च, 2026 तक जारी रहेगी.

Author Edited By : Vijay Jain
Updated: Dec 4, 2025 17:40
nitin gadkari

Get honoured 25000 in cash reward: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) की राह वीर योजना के अनुसार हादसे के तुरंत बाद पीड़ितों को तत्काल सहायता पहुंचाने वाले ‘राह-वीर’ को 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा. 21 अप्रैल, 2025 को MORTH ने इस योजना की घोषणा की थी. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि अब अगर कोई भी व्यक्ति सड़क हादसे में घायल किसी पीड़ित को अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे इनाम के रूप में 25 हजार रुपये दिए जाएंगे. अगर किसी भी सड़क चाहे वह राज्य मार्ग हो या ग्रामीण सड़क पर एक्सीडेंट होता है और कोई व्यक्ति इंसानियत के नाते घायलों को अस्पताल लेकर जाता है, उसे भी यह इनाम दिया जाएगा. यह प्रोत्साहन राशि लोगों को मददगार बनने के लिए प्रेरित करेगी.

क्या है राह वीर योजना

MoRTH के आधिकारिक हैंडल से X पर 27 जुलाई 2025 को इस बारे में पोस्ट की गई थी. पोस्ट में MoRTH की ओर से प्रत्येक नागरिक से राह-वीर बनने का आग्रह करते हुए कहा गया कि आपकी समय पर की गई मदद स्वर्णिम समय के दौरान जीवन बचा सकती है. भारत सरकार की ओर से 25,000 रुपये नकद पुरस्कार और प्रशंसा प्रमाण पत्र से सम्मानित हों.” मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 की धारा 134ए के प्रावधानों के तहत मंत्रालय ने राह-वीर योजना के लिए नियम अधिसूचित किए. मंत्रालय के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य आम जनता को नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र के माध्यम से सड़क दुर्घटना पीड़ितों की आपात स्थिति में मदद करने, उनका मनोबल बढ़ाने तथा सड़क दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने के लिए दूसरों को प्रेरित करने के लिए प्रेरित करना है.

गरीब और असहाय लोगों को बड़ी राहत

मंत्री गडकरी ने बताया कि यह इनाम केवल नेशनल हाईवे तक सीमित नहीं है. इसके लिए किसी तरह की पूछताछ, पुलिस की परेशानी या कानूनी झंझट का सामना नहीं करना पड़ेगा. इसके साथ ही एक और महत्वपूर्ण प्रावधान लागू किया गया है. NHAI (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) अब सड़क दुर्घटना में घायल पीड़ितों का इलाज 7 दिनों तक और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक खुद करवाएगा. इससे गरीब और असहाय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.

घायलों की मदद के लिए आगे आएंगे

केंद्र सरकार के अनुसार, भारत में हर साल लाखों सड़क हादसे होते हैं और उनमें बड़ी संख्या में लोग सिर्फ इसलिए मर जाते हैं क्योंकि उन्हें समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता. नई नीति तेजी से मदद पहुंचाने और लोगों को मानवता दिखाने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में अहम कदम है. सरकार उम्मीद कर रही है कि इनाम और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था से हादसों में मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आएगी और लोग बिना डर के घायल व्यक्तियों की मदद के लिए आगे आएंगे.

First published on: Dec 04, 2025 05:40 PM

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