Kumar Gaurav
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज PRAGATI की 50वीं बैठक की अध्यक्षता की . बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि PRAGATI आधारित इकोसिस्टम ने अब तक ₹85 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को गति देने में निर्णायक भूमिका निभाई है.
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने पांच राज्यों से जुड़ी हुई सड़क, रेल, बिजली, जल संसाधन और कोयला क्षेत्र की पांच अहम बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की, जिनकी कुल लागत ₹40,000 करोड़ से अधिक है. साथ ही पीएम ने इन सभी कामों में तेजी लाने का निर्देश दिया . इतना ही नहीं – PM SHRI योजना की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित न रहे, बल्कि समग्र और भविष्य के लिए शिक्षा का राष्ट्रीय बेंचमार्क बने.
उन्होंने सभी मुख्य सचिवों से योजना की करीबी निगरानी करने, वरिष्ठ अधिकारियों को जमीनी हकीकत को देखने और परखने के लिए ग्राउंड विज़िट पर भेजने और राज्य सरकार के स्कूलों के लिए पीएम श्री को मॉडल बनाने का आह्वान किया.
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते दस वर्षों में सरकारी कार्यों में बदलाव आया है. जब फैसले समय पर होते हैं, समन्वय बेहतर होता है और जवाबदेही तय होती है, तो सरकार की गति अपने आप बढ़ती है और उसका असर सीधे नागरिकों के जीवन में दिखता है .
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने बताया कि PRAGATI की प्रेरणा उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री रहते शुरू किए गए SWAGAT प्लेटफॉर्म से मिली थी. केंद्र में आने के बाद इसी मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देकर प्रगति के रूप में लागू किया गया, जहां बड़ी परियोजनाओं, प्रमुख योजनाओं और जनशिकायतों की एक साथ (राज्य और केंद्र) समीक्षा संभव हुई.
प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 से अब तक प्रगति के तहत 377 परियोजनाओं की समीक्षा हुई, जिनमें चिन्हित 3,162 मुद्दों में से 2,958 (लगभग 94%) का समाधान किया जा चुका है. इससे देरी, लागत बढ़ोतरी और विभागीय तालमेल की समस्याओं में बड़ी कमी आई है.
PRAGATI के जरिए कई दशकों से अटकी परियोजनाओं को पूरा किया गया, जिनमें
• असम का बोगीबील रेल-कम-रोड ब्रिज,
• जम्मू-उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक
• नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा,
• भिलाई स्टील प्लांट का आधुनिकीकरण
• गदरवाड़ा और लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स शामिल हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उच्च स्तरीय निगरानी और केंद्र-राज्य समन्वय की ताकत को दर्शाता है. टीम इंडिया की ताक़त को दिखाता है .
प्रधानमंत्री ने कहा कि परियोजनाएं अक्सर नीयत की कमी से नहीं, बल्कि साइलो आधारित कार्यप्रणाली के कारण अटकती हैं. PRAGATI ने सभी हितधारकों को एक मंच पर लाकर इस समस्या को दूर किया है. अब तक करीब सैकड़ों केंद्रीय सचिव और राज्य के मुख्य सचिव PRAGATI बैठकों में भाग ले चुके हैं.
प्रधानमंत्री ने PRAGATI के अगले चरण के लिए मंत्र भी दिया है, “Reform to Simplify, Perform to Deliver, Transform to Impact.” उन्होंने कहा कि सुधार का मतलब प्रक्रियाओं को सरल बनाना- प्रदर्शन का मतलब समय-लागत-गुणवत्ता पर फोकस करना- परिवर्तन का पैमाना नागरिकों के जीवन में महसूस होने वाला असर होना चाहिए.
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत @2047 एक राष्ट्रीय संकल्प है और प्रगति इसे हासिल करने का मजबूत माध्यम है. उन्होंने राज्यों से सामाजिक क्षेत्र में भी मुख्य सचिव स्तर पर प्रगति जैसे तंत्र अपनाने का आग्रह किया . बैठक के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा—PRAGATI@50 सिर्फ एक पड़ाव नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक प्रतिबद्धता है. इसे और मजबूत करना होगा, ताकि तेज़ क्रियान्वयन, बेहतर गुणवत्ता और नागरिकों के लिए ठोस नतीजे सुनिश्चित किए जा सकें.
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