प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान से क्षेत्र में पैदा हुई गंभीर स्थिति पर बातचीत की. पिछले महीने ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से दोनों शीर्ष नेताओं के बीच यह पहला सीधा संवाद है. इस दौरान पीएम मोदी ने क्षेत्र में बिगड़ते सुरक्षा हालातों और नागरिकों की जान-माल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया.
प्रधानमंत्री मोदी ने देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस बातचीत की जानकारी साझा शेयर की है. उन्होंने लिखा, ‘ईरानी राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन के साथ क्षेत्र की गंभीर स्थिति पर चर्चा की. बढ़ते तनाव, नागरिक जीवन की हानि और बुनियादी ढांचे को हो रहे नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की.’
Had a conversation with Iranian President, Dr. Masoud Pezeshkian, to discuss the serious situation in the region.
— Narendra Modi (@narendramodi) March 12, 2026
Expressed deep concern over the escalation of tensions and the loss of civilian lives as well as damage to civilian infrastructure.
The safety and security of…
इसके साथ ही उन्होंने लिखा, ‘भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, साथ ही सामान और एनर्जी के बिना रुकावट आने-जाने की जरूरत, भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं. शांति और स्थिरता के लिए भारत का कमिटमेंट दोहराया गया और बातचीत और डिप्लोमेसी की अपील की गई.’
पीएम मोदी से पहले गुरुवार को सुबह विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से शिपिंग की सुरक्षा और एनर्जी सिक्योरिटी पर चर्चा की थी. विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया या कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की चर्चा में जहाजों का सुरक्षित आना-जाना पक्का करने और इलाके में एनर्जी सप्लाई को स्थिर बनाए रखने पर ध्यान दिया गया.
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बता दें, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया था. दोनों देश लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं. ईरान ने पलटवार करते हुए मिडिल ईस्ट के उन देशों पर हमला किया, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे थे. इसके साथ ही ईरान ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव पर भी मिसाइलें दागीं.
इसके साथ ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट रूट बंद कर दिया था. दुनिया के तेल खपत का करीब पांचवां हिस्सा इसी रूट से सप्लाई होता है. इस रूट के बंद होने से कई देशों में ऑयल क्राइसिस जैसे हालात पैदा हो गए. इस रूट से निकलने वाले जहाजों पर ईरान मिसाइलें बरसा रहा है.










