ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पहली बार रात 8 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। हालांकि, पहलगाम हमले के बाद जब से पाकिस्तान के खिलाफ तनातनी की शुरुआत हुई, तब से पीएम मोदी लगातार सक्रिय हैं। पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर वह लगातार बैंठकें कर रहे थे। वह लगातार रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री, सेना प्रमुखों, सीडीएस और एनएसए से ऑपरेशन का जायजा ले रहे थे। इस बीच यहां हम पीएम मोदी के पिछले संबोधन की चर्चा कर रहे हैं। आइए जानते हैं इससे पहले पीएम मोदी ने कब-कब देश को संबोधित किया और उनके संबोधन के बाद क्या बदलाव हुए?
रात 8 बजे पीएम मोदी का संबोधन यानी कोई बड़ा ऐलान
पीएम मोदी के ज्यादातर संबोधन रात को 8 बजे ही हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर एक बार देश को संबोधित करने वाले हैं। मोदी आज फिर रात 8 बजे जनता के सामने आएंगे, यानी एक बार फिर वह कोई बड़ी बात कहेंगे। अब तक इससे पहले जब-जब पीएम मोदी रात को 8 बजे सामने आए, कोई बड़ा ऐलान हुआ। नोटबंदी का ऐलान हो या फिर 21 दिन का लॉकडाउन लगाने की बात सब की घोषणा पीएम मोदी ने रात 8 बजे ही की थी।
8 बजे ही क्यों देश को संबोधित करते हैं पीएम मोदी?
ऐसा नहीं है कि पीएम ने सिर्फ 8 बजे ही देश को संबोधित किया है, लेकिन यह प्राइम टाइम होता है। इस समय पूरा परिवार आमतौर पर एकसाथ होता है। ऐसे में देश के लिए यह सबसे खास वक्त होता है। हो सकता है मोदी ने इस वजह से यह वक्त चुना हो। मोदी अगर इस वक्त पर कुछ कहना चाहते हैं, तो इसका मतलब है कि बात कुछ बड़ी है। पिछला इतिहास भी यह बताता है।
14 अप्रैल 2020: लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाया
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 14 अप्रैल 2020 को कोरोनाकाल में देश को संबोधित किया था। तब पीएम मोदी ने कोरोना के खिलाफ जंग में लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया था।
24 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन: 21 दिनों के लिए लॉकडाउन
24 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा था कि ‘वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण बातें देशवासियों के साथ साझा करूंगा। 24 मार्च को रात 8 बजे देश को संबोधित करूंगा। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 महामारी को रोकने के प्रयास में 24 मार्च मध्य रात्रि से अगले 21 दिनों के लिए पूरे देश में पूर्ण लॉकडाउन का आह्वान किया था। राष्ट्र के नाम विशेष संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा था कि बेहतरीन चिकित्सा सुविधाओं वाले देश भी इस वायरस को नहीं रोक पाए और सामाजिक दूरी ही इसे कम करने का एकमात्र विकल्प है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन : 19 मार्च, 2020- जनता कर्फ्यू
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा था कि मेरा सभी देशवासियों से आग्रह है कि आने वाले कुछ सप्ताह तक बहुत जरूरी हो तभी अपने घर से बाहर निकलें। हो सके तो काम घर से ही करें। मैं आज से जनता कर्फ्यू की मांग करता हूं। यानि जनता के लिए, जनता द्वारा लगाया गया कर्फ्यू। 22 मार्च रविवार को सुबह 7 से रात 9 बजे तक सभी देशवासियों को जनता कर्फ्यू का पालन करना है। जनता कर्फ्यू हमें आने वाली चुनौती से भी तैयार करेगा। हमें 22 मार्च को शाम 5 बजे ताली या थाली बजाकर, सायरन बजाकर सेवाभावियों का धन्यवाद करना चाहिए। हमारे परिवार में जो भी वरिष्ठ नागरिक हैं, 60-65 आयु वाले बुजुर्ग, आने वाले कुछ सप्ताह तक वे घर से बाहर न निकलें। कोरोना सेनानियों को सम्मान दें, वे जो साफ-सफाई और जरूरी कामों में लगे हैं। जो लोग आर्थिक रूप से संपन्न हैं वो अपने साथ और अपने लिए काम करने वालों का ध्यान रखें। उनका वेतन न काटें। हमें देखना है कि हम अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव ना बढ़ाएं। रुटीन चेकअप के लिए अस्पताल के लिए न जाएं। ऐसी सर्जरी जो आगे बढ़ सकती है उसे आगे बढ़ा दें। इस महामारी का अर्थव्यवस्था पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। इसके लिए सरकार ने सभी से जानकारी लेने के लिए कोविड-19 टास्क फोर्स का गठन किया है। ये टास्क फोर्स इस महामारी के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन : 27 मार्च, 2019- मिशन शक्ति
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा था कि भारत आज अंतरिक्ष की महाशक्ति बना, हमारे वैज्ञानिकों ने लो अर्थ ऑरबिट में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया है। भारत ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बना है। इससे पहले सिर्फ रूस, अमेरिका और चीन के ये ताकत पास थी। मिशन ‘शक्ति’ के तहत ऑपरेशन महज तीन मिनट में पूरा हुआ। ये लक्ष्य 300 किलोमीटर दूर था। यह मिशन दोपहर 12 बजे से कुछ ही देर पहले शुरू हुआ था और काफी कम समय में हमारे वैज्ञानिकों ने यह कमाल कर दिखाया। भारत ने एंटी सैटेलाइट मिसाइल क्षमता हासिल की। भारत में ही निर्मित ए सैट मिसाइल से कामयाबी मिली है। हमारे वैज्ञानिकों पर हमें गर्व है। इस शानदार मिशन के लिए डीआरडीओ बधाई का पात्र है।
अंतरिक्ष में भारत की प्रगति अहम है। ए-सैट मिसाइल भारत को सुरक्षा की दृष्टि से नई मजबूती देगी। हमारी अंतरिक्ष क्षमता किसी के विरुद्ध नहीं है। हमारा मकसद शांति बनाए रखना है, युद्ध करना नहीं। देशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए आधुनिक तकनीक को अपनाना होगा। हमें अपने लोगों की कर्मठता और योग्यता पर पूरा भरोसा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन : 15 फरवरी, 2019- पुलवामा हमले के बाद
15 फरवरी 2019 को अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा था कि मैं पुलवामा के आतंकी हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्होंने देश की सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए हैं। दुःख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं, उनके परिवारों के साथ हैं। इस हमले की वजह से देश में जितना आक्रोश है, लोगों का खून खौल रहा है, ये मैं समझ रहा हूं। इस समय जो देश की अपेक्षाएं हैं, कुछ कर गुजरने की भावनाएं हैं, वो स्वाभाविक है। हमारे सुरक्षा बलों को पूर्ण स्वतंत्रता दी हुई है। हमें अपने सैनिकों के शौर्य पर पूरा भरोसा है। मुझे पूरा भरोसा है कि देशभक्ति के रंग में रंगे लोग सही जानकारियां भी हमारी एजेंसियों तक पहुंचाएंगे, ताकि आतंक को कुचलने में हमारी लड़ाई और तेज हो सके। मुझे पूरा भरोसा है कि देशभक्ति के रंग में रंगे लोग सही जानकारियां भी हमारी एजेंसियों तक पहुंचाएंगे, ताकि आतंक को कुचलने में हमारी लड़ाई और तेज हो सके। इस समय बड़ी आर्थिक बदहाली के दौर से गुजर रहे हमारे पड़ोसी देश को ये भी लगता है कि वो ऐसी तबाही मचाकर, भारत को बदहाल कर सकता है। उसके ये मंसूबे भी कभी पूरे नहीं होंगे। 130 करोड़ हिंदुस्तानी ऐसी हर साजिश, ऐसे हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देंगे। साथियों, पुलवामा हमले के बाद, अभी मन: स्थिति और माहौल दुःख और साथ ही साथ आक्रोश का है। ऐसे हमलों का देश डटकर मुकाबला करेगा, रुकने वाला नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन : 8 नवंबर, 2016- नोटबंदी
8 नवंबर 2016 को पीएम मोदी द्वारा किया गया देश को संबोधन आज भी हर देशवासी के जेहन में है। 8 नवंबर 2016, उस दिन सबकी निगाह अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव पर थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार अचानक देशवासियों के सामने आए। साथ ही एक हैरान कर देनेवाला ऐलान कर दिया। उन्होंने बताया कि आज मध्य रात्रि से वर्तमान में जारी 500 रुपये और 1,000 रुपये के करेंसी नोट लीगल टेंडर नहीं रहेंगे यानि ये मुद्राएं कानूनन अमान्य होंगी। देशवाशियों को कम से कम तकलीफ का सामना करना पड़े, इसके लिए हमने कुछ इंतजाम किए हैं। आपकी धनराशि आपकी ही रहेगी, आपको कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है। समय-समय पर मुद्रा व्यवस्था को ध्यान में रख कर रिजर्व बैंक, केंद्र सरकार की सहमति से नए अधिक मूल्य के नोट को सर्कुलेशन में लाता रहा है।
संबंधित खबरें
दिल्ली में हालात सामान्य! संडे को खुलेंगी दुकानें, रेल यात्रियों को भी राहत
1 hr ago'अपराधियों जैसा बर्ताव हुआ...', रिहाई के बाद ममता बनर्जी ने सुनाई आपबीती
3 hrs agoमणिपुर के कुकी-नगा समूहों में फिर भड़की हिंसा, फूंक दिए कई घर, 5 की मौत
3 hrs agoप्रदर्शनकारियों की हिरासत को सुप्रीम कोर्ट में दी गई चुनौती, कल होगी सुनवाई
4 hrs agoसवाल पूछना ही आपकी असली ताकत, राहुल गांधी ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र
4 hrs ago'CEC के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन...', CJP ने किया बड़ा ऐलान
5 hrs agoइंटरनेट बंद..., CJP प्रोटेस्ट ने कैसे बढ़ाई ट्रेन पैसेंजर्स की टेंशन?
5 hrs agoरात 10 बजे तक बंद रहेंगे दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशन, बढ़ाई गई समयसीमा
5 hrs ago'धांधली हुई तो सबूत दो', 124 पूर्व IAS-IFS अफसरों ने SIR को ठहराया सही
6 hrs agoकौन हैं 'अंग्रेज' ज्यां द्रेज? पुलिस भी नहीं रोक पाई जंतर-मंतर जाने से
6 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines