'सवाल पूछना ही आपकी असली ताकत', राहुल गांधी ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र

Gyanesh Kumar: छात्रों की गूंज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने समाज सुधारक पेरियार की विचारधारा का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि पेरियार विद्यार्थियों को यह सीख देते हैं कि किसी भी बात को बिना सोचे-समझे स्वीकार नहीं करना चाहिए.

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राहुल गांधी ने समाज सुधारक पेरियार की विचारधारा का जिक्र किया. (Credit-ANI)

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को तमिलनाडु के चेन्नई में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में स्टूडेंट्स को जिज्ञासु बनने और हर बात को तर्क की कसौटी पर परखने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी बात को सिर्फ इसलिए स्वीकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि उसे किसी दूसरे व्यक्ति ने कहा है. हर विषय का फैक्ट-चेक करना और उसके बारे में सवाल पूछना जरूरी है. राहुल गांधी ने विद्यार्थियों की जिज्ञासा को उनकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि यही उन्हें अपने भविष्य और समाज के बारे में सोचने की क्षमता देती है.

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पेरियार का जिक्र कर छात्रों को समझाया सवालों का महत्व

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने समाज सुधारक पेरियार की विचारधारा का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पेरियार विद्यार्थियों को यह सीख देते हैं कि किसी भी बात को बिना सोचे-समझे स्वीकार नहीं करना चाहिए. उसके पीछे के तर्क को समझना और उसकी पड़ताल करना जरूरी है. राहुल गांधी ने तमिल के महान कवि की एक पंक्ति का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि जिस तरह रेत में कुआं जितना गहरा खोदा जाता है, उतना ही अधिक पानी निकलता है, उसी तरह जितना अधिक अध्ययन किया जाता है, उतना ही ज्यादा ज्ञान प्राप्त होता है. इस उदाहरण के जरिए उन्होंने छात्रों को लगातार सीखने और ज्ञान की खोज जारी रखने के लिए प्रेरित किया.

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जिज्ञासा से मिलती है सवाल पूछने और फैसले लेने की ताकत

राहुल गांधी ने कहा कि एक विद्यार्थी होने का मूल आधार जिज्ञासा है. सवाल पूछना, नई चीजों को जानना और ज्ञान हासिल करने की इच्छा ही छात्र जीवन की असली पहचान है. उनके मुताबिक, विद्यार्थियों के मन में मौजूद यही जिज्ञासा उन्हें नए विचारों और संभावनाओं की तलाश करने का साहस देती है. राहुल गांधी ने कहा कि जिज्ञासा के बल पर छात्र नई जगहों और विषयों को समझ सकते हैं. इसके जरिए वे अपने भविष्य के साथ-साथ अपने राज्य, परिवार और दोस्तों के भविष्य की कल्पना भी कर सकते हैं. राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि सवाल पूछने की क्षमता विद्यार्थियों को अपने जीवन के महत्वपूर्ण फैसले लेने में भी मदद करती है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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