Parmod chaudhary
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Nirmala Sitharaman Interview: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने न्यूज 24 को दिए साक्षात्कार में कई मुद्दों पर विपक्ष को घेरा। चुनाव में मंगलसूत्र, पाकिस्तान का मुद्दा उठने पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि इनको लेकर कौन आया? इन बातों को किसने शुरू किया? इन मुद्दों को इंडी के नेता लेकर आए। बेवजह बयान दिए गए। हर घर में कितनी प्रॉपर्टी को रीडिस्ट्रिब्यूट किया जाएगा? क्या हम इन मुद्दों को उठाने वाले नेताओं को जवाब भी न दें? आप और आपकी बहन लगातार रैलियों में इन मुद्दों को लेकर आ रही हैं। तो उनका जवाब देना बनता है।
आप लोगों की प्रॉपर्टी छीनकर दूसरों को देने की बात करते हैं। लेकिन जनता को रोशनी डालकर भाजपा दिखा रही है कि ऐसे लोगों को वोट देने से पहले सोच लें। मुफ्त की चीजों का वर्ग तैयार करने के सवाल पर सीतारमण ने कहा कि देश पर जो बोझ पड़ रहा है। उसको कम करने के लिए सभी पार्टियों को काम करने की जरूरत है। गरीबों को चावल और गेहूं वे लोग मुफ्त देने के पक्ष में है। लेकिन लाभ सही आदमी को मिले, यह देखने की जरूरत है। लोगों को बिजली जैसी समस्याओं से छुटकारा देने के लिए ही पीएम मोदी ने सर्वोदय योजना शुरू की है। दिल्ली में फ्री बिजली का मामला कुछ अलग है।
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फ्री बी के कल्चर पर क्या वे सरकार बनने के बाद चर्चा करेंगी, पर सीतारमण ने कहा कि इस पर चर्चा जरूर होनी चाहिए। तेजस्वी के फ्री सुविधा वाले बयान पर सीतारमण ने कहा कि उनका दावा गलत है। उनकी पार्टी हर ग्रामीण तक पूरा एक रुपया पहुंचा रही है। जबकि राजीव गांधी ने खुद माना था कि उनकी सरकार भेजती एक रुपया है, लेकिन लोगों को सिर्फ 15 पैसे मिलते हैं। उनकी सरकार योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचा रही है। कांग्रेस ने सिर्फ वायदे किए। 70 साल में गरीबी नहीं हटाई गई। लेकिन अब उनकी सरकार ग्रामीण इलाकों में बिजली, शौचालय समेत लोन और वे सभी सुविधाएं दे रही हैं। जो लोगों के लिए सबसे पहले जरूरी है। मल्लिकार्जुन खड़गे के सिर्फ क्रेडिट लेने के दावे पर उन्होंने कहा कि वे इससे दुखी हैं।
सीतारमण ने राफेल को लेकर एक बात याद दिलाई कि कैसे ये लोग इशारे कर-कर पीएम को चोर बता रहे थे? लेकिन बाद में इन्हीं लोगों ने सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी। क्या अब इन लोगों को बोलने का अधिकार है? संविधान खत्म करने की बात पर कहा कि इमरजेंसी में संविधान को लहूलुहान किया गया। देश के ढांचे को नुकसान पहुंचाया गया। नेताओं को जेल में डाला गया। अब यही कांग्रेसी संविधान को लेकर बात कर रहे हैं। इंदिरा ने इमरजेंसी में ऐसा क्यों किया? उनकी जीत को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खारिज किया। एक आदमी की सीट को बचाने के लिए पूरे देश को बलि पर चढ़ाने का काम किया गया। राहुल गांधी को लेकर उन्होंने कहा कि वे सीरियस नहीं है। चुनाव के समय ये लोग छुट्टी पर जाते हैं। वे कभी सोच-समझकर नहीं बोलते। लोगों को उनके ऊपर विश्वास नहीं है। कितनी बार उनको कांग्रेस लॉन्च और रीलॉन्च कर चुकी है? लेकिन वे सफल रहे क्या?
सीतारमण ने कहा कि कोविड में जिस हिसाब से सरकार ने काम किया, वह काबिल-ए-तारीफ है। लेकिन कांग्रेस फिर भी देश का फेडरेल स्ट्रक्चर खराब करने की कोशिश के आरोप लगाती है। इंदिरा ने सबसे अधिक संविधान के खिलाफ काम किया। कई सरकारें बर्खास्त की। लेकिन अब ये लोग न्याय व्यवस्था और मीडिया की आजादी को लेकर बात करते हैं। केजरीवाल के वन नेशन वन लीडर के सवाल पर कहा कि आप में दूसरे भी नेता हैं। लेकिन केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से इसकी परमिशन लेनी पड़ी। एक राज्यसभा सांसद को पीटने की खबर सीएम हाउस से आई। लेकिन अब तक उनका बयान सामने नहीं आया है। क्या वे इस मामले में बयान देंगे।
सीतारमण ने कहा कि ईडी ने भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसा है। वे लोग सीबीआई का कोई दुरुपयोग नहीं कर रहे। ईडी को सोना, नोटों की गड्डियां मिल रही हैं। लेकिन विपक्ष दुरुपयोग के आरोप लगा रहा है। ईडी खाली हाथ वापस क्यों नहीं आता, इतना पैसा कहां से आता है? हम आयोग के हिसाब से ही पैसा खर्च कर रहे हैं। किसानों को एमएसपी की गारंटी के सवाल पर निर्मला ने कहा कि किसान की आमदनी दोगुनी करना उनका लक्ष्य है। किसानों को उचित दामों पर खाद मिल रही है। कोविड के बाद खाद का एक बैग 3 हजार रुपये में उनकी सरकार ने खरीदा। लेकिन सरकार ने किसानों से सिर्फ एक बैग के लिए 300 रुपये ही लिए। एमएसपी पर लगातार चर्चा हो रही है। किसानों को बेहतर बनाने के लिए लगातार पीएम काम कर रहे हैं।
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