NIA Raid: आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क पर NIA का शिकंजा, गोल्डी बरार-लॉरेंस बिश्नोई गैंग के छह गुर्गे गिरफ्तार
Edited By Om Pratap

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NIA Raid: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और गोल्डी बराड़ के करीबी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारी आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई के दौरान की गई है। बता दें कि NIA ने मंगलवार को पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में 76 स्थानों पर छापेमारी की थी।
गिरफ्तार किए गए लोगों में लकी खोखर उर्फ डेनिस भी शामिल है, जो कनाडा स्थित नामित आतंकवादी अर्श दल्ला का करीबी सहयोगी है। छापे में गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और गोल्डी बराड़ के सहयोगी शामिल हैं। गिरफ्तार लोगों में लकी खोखर, लखवीर सिंह, हरप्रीत, दलीप बिश्नोई, सुरिंदर और हरिओम शामिल है।
Following the recent raids by NIA at 76 locations across 8 states to bust known terrorist-gangster-drug smuggler nexus, NIA has arrested six people working as associates of gangsters including Lawrance Bishnoi, Jaggu Bhagwanpuria & Goldy Brar. Further investigation underway: NIA pic.twitter.com/uV4XvuR5PH
— ANI (@ANI) February 23, 2023
बठिंडा निवासी खोखर को मंगलवार को राजस्थान के श्रीगंगानगर से गिरफ्तार किया गया। वह कनाडा में अर्श दल्ला के सीधे और लगातार संपर्क में था। खोखर अर्श के लिए गुर्गों की भर्ती करता था। उसने पंजाब में अर्श दल्ला के सहयोगियों को हथियार और गोला-बारूद मुहैया कराया था। NIA ने पिछले साल 20 अगस्त को हरविंदर सिंह, लखबीर सिंह संधू और अर्शदीप सिंह सहित 7 लोगों के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था। एक व्यक्ति दीपक रंगा को पहले इसी मामले में NIA ने गिरफ्तार किया था।
NIA के एक प्रवक्ता के अनुसार, लकी खोखर आतंकवादी अर्श दल्ला के लिए काम कर रहा था, जो हथियारों, गोला-बारूद, विस्फोटकों, आईईडी आदि की तस्करी में शामिल रहा है। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में हरिओम (टीटू) शामिल है जिसे मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था। वहीं लखवीर सिंह को एक दिन बाद गिरफ्तार किया गया था।
लखवीर के कब्जे से 09 हथियार बरामद हुए हैं। वह एक कुख्यात अपराधी और छोटू राम भाट का सहयोगी है, जिसे पहले इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। NIA इस मामले में अब तक कौशल चौधरी, अमित डागर, सुखप्रीत सिंह, भूपी राणा, नीरज बवाना, नवीन बाली और सुनील बालियान समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
प्रवक्ता के अनुसार सुरेंद्र चौधरी और दलीप बिश्नोई, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया और कनाडा के अपराधी गोल्डी बराड़ के जाने माने सहयोगी हैं। उन्हें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से धन जुटाने, युवाओं की भर्ती करने और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
यह मामला NIA ने पिछले साल अगस्त में भी दर्ज किया था और लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया, काला जठेरी, काला राणा, जोगिंदर सिंह, राजेश कुमार, राजू बसौदी, अनिल चिप्पी, नरेश यादव और शाहबाज अंसारी सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
सुरिंदर चौधरी को भी मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था। इसके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत हत्या और जबरन वसूली के कई मामले दर्ज हैं। सुरिंदर हरियाणा में अवैध शराब के ठेके, तस्करी और शराब और खनन ठेकेदारों से जबरन वसूली में शामिल रहा है और आतंक-गैंगस्टर सिंडिकेट के मुख्य फाइनेंसरों में से एक रहा है।
दलीप बिश्नोई को बुधवार को गिरफ्तार किया गया था। दलीप एक आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ 13 मामले दर्ज हैं। वह इस आतंकी गिरोह के मुख्य फाइनेंसरों में से एक रहा है और पंजाब और राजस्थान में गिरोहों को रसद सहायता प्रदान कर रहा था।
NIA की जांच में अब तक सामने आया है कि कई अपराधी जो भारत में गैंगस्टरों के सहयोगी थे, उनमें से कुछ पाकिस्तान, कनाडा, मलेशिया, फिलीपींस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भाग गए थे और जेलों में बंद अपराधियों के साथ मिलकर वहां से अपने आतंक और आपराधिक गतिविधियों की योजना बना रहे थे। ये समूह ड्रग्स और हथियारों की तस्करी, हवाला और जबरन वसूली के जरिए टार्गेट किलिंग को अंजाम दे रहा था।
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