Agra-Gwalior Expressway: मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि आगामी आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे के निर्माण का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा। इस एक एक्सप्रेसवे से मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक पहुंच आसान बनाई जा सकेगी। जिससे कनेक्टिविटी के अलावा, राज्य एक दूसरे राज्य के साथ बिजनेस भी आसानी से कर पाएगा। यह एक्सप्रेसवे भीड़भाड़ को कम करते हुए सफर को सुगम और तेज बनाएगा। हाल ही में जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स को इसके निर्माण का कॉन्ट्रेक्ट दिया गया है। जानिए इस एक्सप्रेसवे के बनने से और क्या फायदे होने वाले हैं?
तीन राज्यों को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे
देशभर में सफर को आसान बनाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। जिसके लिए कई परियोजनाएं निकाली जा रही हैं। इनके लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को जोड़ने के लिए आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे परियोजना पर काम किया जा रहा है।
इसको लेकर अपडेट सामने आया कि 89 किलोमीटर लंबे 6 लेन वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम अब जल्द ही शुरू होने वाला है। हाल ही में इसके निर्माण की जिम्मेदारी जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स को दे दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अनुबंध के दायरे में आगरा और ग्वालियर के बीच मौजूदा NH44 को मजबूत करना भी शामिल है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य 910 दिन का रखा गया है।
4,613 करोड़ रुपये में बनेगा एक्सप्रेसवे
इस परियोजना पर 4,613 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह एक्सप्रेसवे आगरा जिले के देवरी गांव से शुरू होगा, जो मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के सुसेरा गांव तक जाएगा। इससे मुरैना और भिंड जैसे क्षेत्रों को भी सीधा फायदा मिलेगा। इसके बनने से ग्वालियर-मुरैना-धौलपुर-आगरा रास्ते पर भी ट्रैफिक जाम की समस्या कम हो जाएगी।
1 घंटे में होगा सफर
आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड हाईवे से आगरा और ग्वालियर के बीच की दूरी कम हो जाएगी। अभी सफर में जो 2-3 घंटे का समय लगता है, वह घटकर केवल एक घंटा रह जाएगा। इससे आगरा और ग्वालियर के बीच की दूरी 7 फीसदी तक कम होगी, जबकि यात्रा का समय 50 फीसदी तक कम हो जाएगा।