---विज्ञापन---

देश angle-right

Monsoon Session: दिल्ली सेवा बिल लोकसभा में पेश, शाह बोले- विरोध का कोई आधार नहीं

Monsoon Session: मंगलवार को संसद के मानसून सत्र के नौवें दिन विवादास्पद दिल्ली सेवा विधेयक लोकसभा में पेश किया गया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में सेवा बिल पेश किया। बिल पर मंगलवार को चर्चा होगी। सदन में बिल पर विपक्षी नेताओं ने हंगामा किया और शेम-शेम के नारे लगाए। अमित शाह […]

---विज्ञापन---

Monsoon Session: मंगलवार को संसद के मानसून सत्र के नौवें दिन विवादास्पद दिल्ली सेवा विधेयक लोकसभा में पेश किया गया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में सेवा बिल पेश किया। बिल पर मंगलवार को चर्चा होगी। सदन में बिल पर विपक्षी नेताओं ने हंगामा किया और शेम-शेम के नारे लगाए।

अमित शाह ने कहा कि संविधान, संसद को दिल्ली के लिए कानून बनाने की अनुमति देता है। बिल के खिलाफ जो बयान दिए जा रहे हैं, वो सिर्फ राजनीतिक हैं, उनका कोई आधार नहीं है। इस बिल का नाम गवर्नमेंट ऑफ नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ दिल्ली (अमेंडमेंट) बिल 2023 (GNCT) है। इसे गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में पेश किया।

---विज्ञापन---

सत्र, जो 20 जुलाई को शुरू हुआ और 11 अगस्त को समाप्त होने वाला है, पहले दिन से ही हंगामेदार रहा है। विपक्ष ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ें। हालांकि, सरकार का कहना है कि वह चर्चा के लिए तैयार है।

यह भी पढ़ेंयह भी पढ़ेंWeather Update Today: देश के कई हिस्सों में आज भी आफत की बारिश, जानें IMD का अलर्ट

---विज्ञापन---

 देश के संघीय ढांचे के साथ खिलवाड़ कर रही सरकार-राघव चड्ढा 

आम आदमी पार्टीके राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट पर अटैक करने की कोशिश कर रही है। यह देश के संघीय ढांचे के साथ खिलवाड़ है। लोकतंत्र और संविधान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। राघव चड्ढा ने दिल्ली विधेयक को लेकर यह बयान दिया है। बता दें कि आम आदमी पार्टी ने अध्यादेश का भी विरोध किया था। अब इसे कानून का रूप दिए जाने की तैयारी है।

---विज्ञापन---

 

राज्यसभा में आज कार्यवाही की सूची में 6 बिल रखे गए हैं। इनमे से दो को पेश किया जाना है और बाकी चार को मंत्रियों द्वारा मूव किया जाना है। इसमें ऐडवोकेट्स बिल 2023 और प्रेस एवं रजिस्ट्रेशन ऑफ पीरियॉडिकल्स बिल 2023 शामिल है।

---विज्ञापन---

इसके अलावा आज मीडियेशन बिल 2021, मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी बिल 2023 और बायोलॉजिकल डाइवर्सिटी बिल 2023 को भी लिस्ट में शामिल किया गया है। मंगलवार को हंगामे की वजह से कोई भी विधेयक पेश नहीं हो पाया था।

और पढ़िए – देश से जुड़ी अन्य बड़ी ख़बरें यहां पढ़ें

---विज्ञापन---

 

 

First published on: Aug 01, 2023 11:01 AM

End of Article

About the Author

---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola