Gyanendra Sharma
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नई दिल्ली: मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक 30 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं। सत्यपाल मलिक पिछले कुछ समय से मोदी सरकार पर हमलावर रहे हैं। वो पीएम मोदी पर किसी न किसी तरह के आरोप और हमले करते आ रहे हैं। रिटायरमेंट के बाद मलिक सक्रिय राजनीति में आ सकते हैं। 3 अक्टूबर को शामली में होने वाले किसान सम्मेलन में वो राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी के साथ मंच साझा करेंगे।
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सूत्रों की मानें तो सत्यपाल राष्ट्रीय लोकदल पार्टी में शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि वो 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं। उनकी निगाहें जाटलैंड के शामली जिले की कैराना लोकसभा सीट पर है जो कि मौजूदा समय भारतीय जनता पार्टी के पास है। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन अलीगढ़ में सत्यपाल मलिक एक किसान सम्मेलन में शिरकत करेंगे। राज्यपाल बनने से पहले तक सत्यपाल मलिक बीजेपी में रहे लेकिन चुनाव नहीं लड़ाए जाने की वजह से वो लगातार बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।
जम्मू कश्मीर का राज्यपाल रहते हुए सत्यपाल मलिक ने बयान दिया था कि उन्हें कुछ गोपनीय फाइलों के लिए 300 करोड़ रुपयों तक का ऑफर आया था। इसके अलावा वो आए दिन केंद्र सरकार को घेरते रहते हैं। सत्यपाल मलिक ने बीजेपी सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया और गवर्नर पद छोड़ने की बात कह दी।
सत्यपाल मलिक ने यह भी कहा कि एमएसपी जब तक लागू ना हो और उसको कानूनी दर्जा ना मिले, तो दोबारा लड़ाई होगी और इस बार जबरदस्त लड़ाई होगी। देश के किसान आप हरा नहीं सकते। उन्होंने कहा था कि अडानी ने पानीपत में बहुत बड़ा गोदाम बनाया है। जिसमें सस्ता गेहूं लेकर भर दिया है। जब महंगाई होगी तब वो इस गेहूं को निकालेगा। प्रधानमंत्री के दोस्त मुनाफा कमाएंगे और किसान बर्बाद होंगे।
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