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‘पटाखे जलाने वालों को कहा जाए राष्ट्र विरोधी’, वायु प्रदूषण के खिलाफ मेनका गांधी के तीखे बोल

Maneka Gandhi statement on firecrackers: पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने पूरे भारत में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए इन्हें वायु प्रदूषण का बड़ा कारण बताया है. उन्होंने सख्ती से कहा कि जो लोग ऐसा करते हैं, उन्हें राष्ट्र विरोधी कहा जाना चाहिए और प्रदूषण से लड़ने के लिए पटाखों पर देशव्यापी बैन लगाने का सुझाव दिया.

Author Edited By : Vijay Jain
Updated: Jan 5, 2026 20:13
maneka gandhi

Maneka Gandhi statement on firecrackers: ‘जो लोग हर खुशी के मौके पर सेलिब्रेट करने के लिए पटाखों का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे लोगों को राष्ट्र विरोधी कहा जाना चाहिए’. पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने ये बातें एएनआई से बातचीत के दौरान कहीं. मेनका गांधी ने खास तौर पर पटाखों को नई दिल्ली की पर्यावरण संबंधी समस्याओं का मुख्य कारण बताया. उन्होंने दिवाली पर पटाखों के अत्याधिक प्रयोग को ही दिल्ली में बढ़ते वायुप्रदूषण की जड़ बताया. गांधी ने तर्क दिया कि नागरिकों को सिर्फ सरकार पर निर्भर रहने के बजाय खुद आगे आना चाहिए. ग्रीन पटाखों की इजाजत देने को लेकर मेनका गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी निराशा जताई. मेनका गांधी ने ग्रीन पटाखे के आस्तित्व पर भी सवाल उठाए.

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दो रातों में जलते हैं 800 करोड़ के पटाखे

मेनका गांधी ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के लिए दिल्ली में दिवाली के दौरान हुई आतिशबाजी को बताया और कहा कि दो रातों में 800 करोड़ के पटाखे जलाए जाते हैं जो प्रदूषण बढ़ाते हैं. मेनका गांधी ने पटाखे जलाने वालों को राष्ट्रविरोध कहे जाने की अपील की. बढ़ते प्रदूषण के लिए कुछ लोग पराली के धुएं को वजह बताते हैं तो कुछ गाड़ियों के धुएं को, लेकिन बाकी सब झूठ हैं, प्रदूषण केवल पटाखे जलाने से ही बढ़ता है. साथ ही लोगों से कहा कि सरकार पर निर्भर रहने की बजाय प्रदूषण कम करने के लिए खुद आगे आएं और आंदोलन का आगाज करें.

गायों की तस्करी पर क्या बोलीं मेनका गांधी

मेनका गांधी ने गायों की तस्करी के बढ़ते केसों को लेकर भी चिंता जताई. मेनका गांधी यहीं नहीं रुकी, खुद भाजपा नेता होते हुए मेनका ने अपनी पार्टी की सरकार को ही आड़े हाथ लिया और कहा कि बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना की कि वे अपने घोषणापत्र का हिस्सा होने के बावजूद बीफ एक्सपोर्ट को रोकने में नाकाम रहे हैं. उन्होंने आवारा कुत्तों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले पर निराशा जताई और न्यायिक संस्थानों में जनता का विश्वास बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया.

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First published on: Jan 05, 2026 08:13 PM

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