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एकनाथ शिंदे ने की शरद पवार की तारीफ, कहा- राजनीति में रिश्ते कैसे निभाए जाते हैं…

Eknath Shinde News: महाराष्ट्र से लेकर केंद्र की राजनीति में एक दूसरे को चुनौती देने वाले दो शीर्ष नेता मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक मंच पर नजर आए। सत्ता पक्ष और विपक्ष के इन दोनों नेताओं ने सियासी समझ और आपसी मान-सम्मान की मिसाल पेश की।

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Eknath Shinde on Sharad Pawar: नई दिल्ली में अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में एकनाथ शिंदे को ‘महादजी शिंदे राष्ट्र गौरव’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान शिंदे को विरोधी दल के नेता शरद पवार के हाथों मिला। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एकनाथ शिंदे ने शरद पवार की तारीफ की।

पवार साहब मुझे कभी गुगली नहीं देंगे: शिंदे

अपने भाषण में शिंदे ने कहा कि शरद पवार द्वारा फेंकी गई गुगली किसी को समझ में नहीं आती, यहां तक ​​कि वे लोग भी नहीं समझ पाते जो किनारे पर बैठे हैं और वे भी नहीं जिन्होंने उन्हें किनारे पर बैठाया है। शिंदे ने कहा लेकिन, मुझे विश्वास है कि पवार साहब मुझे कभी गुगली नहीं देंगे।

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शिंदे ने की शरद पवार की तारीफ

उन्होंने शरद पवार की तारीफ करते हुए कहा कि राजनीति में रिश्ते कैसे निभाए जाते हैं, यह पवार साहब से सीखना चाहिए। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को वरिष्ठ नेता शरद पवार ने ‘महादजी शिंदे राष्ट्र गौरव पुरस्कार’ से सम्मानित किया। यह पुरस्कार पुणे स्थित सरहद संस्था द्वारा दिया गया। एकनाथ शिंदे ने कहा कि उन्हें महादजी शिंदे पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। इस बार मंच पर ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूद हैं और पुरस्कार देने वाले व्यक्ति क्रिकेटर सदाशिव शिंदे के दामाद शरद पवार हैं।

‘मेरा बहुत ही प्यार भरा और आत्मीय रिश्ता’

एकनाथ शिंदे ने आगे कहा, “शरद पवार के ससुर सदाशिव शिंदे क्रिकेट में गुगली फेंकते थे। पवार साहब ने राजनीति में जो गुगली फेंकी, उसे कई लोग नहीं समझ पाते। कई बार तो किनारे बैठे लोग भी नही समझ पाते हैं। मैं आपको अपने बारे में कुछ अलग बताता हूं। पवार साहब के साथ मेरा बहुत ही प्यार भरा और आत्मीय रिश्ता है। इसलिए उन्होंने कभी मुझ पर गुगली नहीं फेंकी और मुझे पूरा विश्वास है कि वे मुझपर गुगली फेंकेंगे भी नहीं।

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एकनाथ शिंदे ने कहा, “मैंने राजनीति में कभी भी स्तर से बाहर जाकर आलोचना नहीं की। मुझ पर कई आरोप लगाए गए, लेकिन मैंने उनका जवाब काम से दिया। मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिलने के बाद मुझे एहसास हुआ कि मेरे पास समय कम है। इसलिए मैंने बहुत ज्यादा काम किया। मैंने विकास और कल्याण कार्यों की झड़ी लगा दी। इसके साक्षी शरद पवार जी भी हैं।”

First published on: Feb 11, 2025 10:39 PM

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