हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

'आंखें बांधकर ले गए थे मसूरी…', जुनैद ने बताया कैसे उन्हें उठा ले गई थी पुलिस; रातभर क्या पूछती रही

जंतर-मंतर पर सीजेपी आंदोलन के दौरान खाना बांटने वाले वालंटियर मोहम्मद जुनैद ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. जुनैद का दावा है कि उन्हें 24 जुलाई की रात दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर उत्तराखंड ले जाकर हिरासत में ले लिया. जुनैद ने परिवार पर पड़े छापे और आंदोलन की फंडिंग के आरोपों पर पूरी सच्चाई बयां की है.

विज्ञापन

जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय तक चले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन में प्रदर्शनकारियों को मुफ्त खाना और पानी बांटकर सुर्खियों में आए जुनैद ने अपनी गुमशुदगी और फंडिंग को लेकर उठ रहे सवालों पर बड़ा खुलासा किया है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मनाए गए जीत के जश्न से जुनैद के अचानक गायब होने पर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं. अब जुनैद ने सामने आकर पूरी घटना की सच्चाई बयान की है.

रास्ते से उठाने और मसूरी ले जाने का दावा

एक मीडिया इंटरव्यू में जुनैद ने दावा किया कि 24 जुलाई की रात उन्हें कुत्ते ने काट लिया था, जिसके बाद वह रेबीज का टीका लगवाने राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल गए थे. जुनैद का कहना है कि जब वे अस्पताल से बाहर निकलकर ऑटो से लौट रहे थे, तब एक गाड़ी में आए कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया. उन्होंने खुद को दिल्ली पुलिस का कर्मचारी बताया और चेहरे ढककर जुनैद तथा उनके साथी की आंखों पर पट्टी बांध दी. जुनैद के मुताबिक, उन्हें रातभर एक अज्ञात इमारत में रखा गया और बाद में गाड़ी में बैठाकर उत्तराखंड के मसूरी ले जाकर छोड़ दिया गया. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस दौरान उनके साथ कोई मारपीट नहीं की गई.

परिवार पर रेड का आरोप, पुलिस की सफाई

जुनैद ने यह भी आरोप लगाया कि उनके गाजियाबाद स्थित घर पर भी पुलिस ने दबिश दी और उनके पिता तथा अन्य रिश्तेदारों को उठाकर ले गई, जहां उनसे घंटों पूछताछ की गई. हालांकि, पुलिस प्रशासन ने जुनैद को अनधिकृत रूप से हिरासत में लेने या उनके परिवार का उत्पीड़न करने के दावों को खारिज किया है. पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को अवैध रूप से हिरासत में नहीं लिया गया था. जांच के सिलसिले में केवल उनके पिता से सामान्य पूछताछ की गई थी और प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें जाने दिया.

विज्ञापन

फंडिंग के आरोपों को नकारा

जुनैद का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई आंदोलन में उनके द्वारा हजारों लोगों के खाने-पीने के इंतजाम को लेकर उनसे सवाल-जवाब करने के उद्देश्य से की गई थी. जुनैद ने साफ किया कि उन्हें इसके लिए कोई संस्थागत या बाहरी फंडिंग नहीं मिली थी. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर आने वाले आम लोग और छात्र खुद अपनी तरफ से पानी, बिस्किट और बना हुआ खाना लाते थे. यह पूरी व्यवस्था विशुद्ध रूप से जनसहयोग से चल रही थी और इसमें किसी भी तरह के नकद या ऑनलाइन पैसों का लेन-देन शामिल नहीं था.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola