जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच चल रही मुठभेड़ में भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया. वहीं, सुरक्षा बलों ने आतंकियों के एक ठिकाने को उड़ा दिया है. सेना और आतंकियों में अभी भी मुठभेड़ जारी है.
भारतीय सेना के हवलदार गजेंद्र सिंह 19 जनवरी 2026 की रात को चल रहे ऑपरेशन TRASHI-I के दौरान शहीद हो गए.
The GOC, White Knight Corps and all ranks pay solemn tribute to Havildar Gajendra Singh of the Special Forces, who made the supreme sacrifice while gallantly executing a Counter Terrorism operation in the Singpura area during the ongoing Operation TRASHI-I on the night of 19 Jan… pic.twitter.com/sCGIGUbZJJ
— ANI (@ANI) January 19, 2026
बता दें, रविवार शाम आतंकियों के साथ हुई एक भीषण मुठभेड़ में भारतीय सेना के 7 जवान घायल हो गए थे. दोपहर के समय जब सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम आगे बढ़ रही थी, तभी पहले से घात लगाकर बैठे आतंकियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. सेना की जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर ने इस मिशन को ‘ऑपरेशन त्रिशी-I’ नाम दिया है. घायल जवानों को तुरंत वहां से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है जहाँ उनका इलाज चल रहा है.
चुनौतीपूर्ण हालात और कठिन रास्तों के बावजूद सेना के जवानों ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया और उन्हें चारों तरफ से घेर लिया है. यह घटना किश्तवाड़ के छात्रू इलाके के सोनार क्षेत्र में हुई जहाँ सुरक्षा बल एक सुनियोजित सर्च ऑपरेशन चला रहे थे.
आशंका जताई जा रही है कि ये आतंकी पाकिस्तान स्थित संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए हैं. घेराबंदी तोड़ने की कोशिश में आतंकियों ने न केवल गोलियां चलाईं बल्कि सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड भी फेंके. पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और आतंकियों की सटीक लोकेशन का पता लगाने के लिए आधुनिक उपकरणों का सहारा लिया जा रहा है.










