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एक साथ 103 सर्विस कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, जम्मू कश्मीर में भर्ती घोटाले में बड़ा एक्शन

Jammu and Kashmir recruitment scam: जम्मू और कश्मीर सरकार ने सोमवार को फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज डिपार्टमेंट (Fire and Emergency Services Department) में 103 नियुक्त कर्मचारियों की सेवाएं खत्म कर दीं. यह कार्रवाई 2020 में हुई फायरमैन और फायरमैन ड्राइवरों की भर्ती में सामने आए एक बड़े घोटाले (recruitment scam) के सामने आने पर की गई है. पढ़ें श्रीनगर से आसिफ सुहाफ की रिपोर्ट

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Jammu and Kashmir recruitment scam: जम्मू और कश्मीर 2020 में हुई फायरमैन और फायरमैन ड्राइवरों की भर्ती में बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है. घोटाला सामने आने के बाद दिसंबर 2022 में जांच समिति का गठन किया गया था. समिति की रिपोर्ट आने के बाद सरकार ने सोमवार को फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज डिपार्टमेंट (Fire and Emergency Services Department) में 103 नियुक्त कर्मचारियों की सेवाएं खत्म कर दीं. गृह विभाग द्वारा जारी सरकारी आदेश में इन नियुक्तियों को अवैध, शुरू से ही अमान्य और तत्काल प्रभाव से रद्द घोषित किया गया है. यह आदेश दिसंबर 2022 की एक जांच समिति की रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आईं, जिनमें पेपर लीक, रिजल्ट में हेरफेर और रिकॉर्ड में छेड़छाड़ शामिल है. इसके बाद एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 2 जनवरी, 2025 को एक आपराधिक FIR दर्ज की.

बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का खुलासा

एंटी-करप्शन ब्यूरो की जांच में फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज डिपार्टमेंट में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ: OMR शीट से छेड़छाड़ की गई, स्कैन की गई तस्वीरों में हेरफेर किया गया, मेरिट लिस्ट में धांधली की गई और डिजिटल सबूतों को बदला गया. आदेश के अनुसार कम से कम 106 उम्मीदवारों को बढ़ा-चढ़ाकर नंबर दिए गए और उन्होंने “आपराधिक साजिश” के जरिए नौकरी हासिल की. ​​तीन लोगों को पहले ही नौकरी से निकाला जा चुका था, जिससे अब 103 लोगों को नौकरी से निकाला गया है.

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आर्टिकल 311 के तहत सुरक्षा अवैध नियुक्तियों पर लागू नहीं

सुप्रीम कोर्ट और J&K हाई कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए सरकार ने फैसला किया कि आर्टिकल 311 के तहत सुरक्षा अवैध नियुक्तियों पर लागू नहीं होती है. आदेश में कहा गया है, इस तरह की अवैधता सार्वजनिक विश्वास और भर्ती की पवित्रता को खत्म करती है,जिसे उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंजूरी दी और गृह विभाग के प्रधान सचिव ने हस्ताक्षर किए. नौकरी से निकाले गए लोगों की सूची में कश्मीर और जम्मू दोनों डिवीजन शामिल हैं, जिसमें श्रीनगर, अनंतनाग, जम्मू और राजौरी जैसे जिले शामिल हैं. अधिकारियों ने तत्काल संबंध खत्म करने का निर्देश दिया जो ACB की चल रही जांच के बीच जीरो टॉलरेंस का संकेत है.

First published on: Dec 15, 2025 06:46 PM

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About the Author

Vijay Jain

सीनियर न्यूज एडिटर विजय जैन को पत्रकारिता में 23 साल से अधिक का अनुभव है.  न्यूज 24 से पहले विजय दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में अलग-अलग जगहों पर रिपोर्टिंग और टीम लीड कर चुके हैं, हर बीट की गहरी समझ है। खासकर शहर राज्यों की खबरें, देश विदेश, यूटिलिटी और राजनीति के साथ करेंट अफेयर्स और मनोरंजन बीट पर मजबूत पकड़ है. नोएडा के अलावा दिल्ली, गाजियाबाद, गोरखपुर, जयपुर, चंडीगढ़, पंचकूला, पटियाला और जालंधर में काम कर चुके हैं इसलिए वहां के कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत आदि की समझ रखते हैं. प्रिंट के कार्यकाल के दौरान इन्हें कई मीडिया अवार्ड और डिजिटल मीडिया में दो नेशनल अवार्ड भी मिले हैं. शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Vijay.kumar@bagconvergence.in

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