'ऑपेरशन सिंदूर' के दौरान भारतीय वायुसेना ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था. भारतीय वायुसेना की ताकत को पूरी दुनिया ने देखा था. अब ऑपेरशन सिंदूर के बाद एक बार फिर से वायुसेना अपना दमखम दुनिया को दिखाने के लिए तैयार है.
---विज्ञापन---
इंडियन एयरफोर्स की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के जोधपुर में अगस्त महीने के आखिरी और सितंबर महीने के पहले सप्ताह में भारतीय वायुसेना के फाइटर प्लेन की गर्जना दुश्मन देश यानी पाकिस्तान को सुनाई देगी. जोधपुर में भारतीय वायुसेना सबसे बड़ा युद्धाभ्यास करने जा रही है. 'तरंग शक्ति' नाम का यह युद्धाभ्यास 28 अग्सत से 10 सितंबर तक चलेगा.
---विज्ञापन---
यह युद्धाभ्यास अपने आप में बेहद ही खास होने वाला है, क्योंकि इसमें 35 मित्र देश की वायुसेना भी शामिल होगी. अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, UAE और सिंगापुर की वायुसेना के शामिल होने की उम्मीद है.
---विज्ञापन---
जोधपुर को ही क्यों चुना गया?
हवाई हमलों के लिए जोधपुर एयरबेस नीति और रणनीति के लिए बेहद अहम माना जाता है. यहां एक साथ 6 फाइटर प्लेन रनवे से उड़ान भर सकते हैं. इसके अलावा एडवांस ट्रेनिंग फैसिलिटी और रेगिस्तानी इलाका युद्ध अभ्यास के लिए सबसे घातक साबित होता है. भारतीय सेना अपनी सीमाओं की सुरक्षा में 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहती है. इस अभ्यास में राफेल, तेजस, मिराज-2000, Su-30MKI और AWACS फोर्स की तैनाती होगी. इस अभ्यास के जरिए चीन और पाकिस्तान को भारतीय वायुसेना यह संदेश भी देना चाहती है कि वह अकेली नहीं है उसके साथ कई मित्र देश भी हैं, जो जरूरत पड़ने पर एक साथ होकर दुश्मन पर चौतरफा अटैक कर सकते हैं.
---विज्ञापन---