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ग्रामीण हाईटेक तरीके से करते हैं खेती, इस राज्य में है भारत का पहला डिजिटल गांव

ग्रामीण हाईटेक तरीके से करते हैं खेती, इस राज्य में है भारत का पहला डिजिटल गांव

भारत के सभी राज्य के गांवों में विकास का काम हो रहा है। गांवों में रोड, बिजली और ट्रांसपोर्ट की बेहतर व्यवस्था की जा रही है। सरकार इन गांवों को डिजिटल बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। इस बीच भारत के पहले डिजिटल गांव का नाम सामने आया है। यह गांव सिक्किम राज्य का याकटेन है। इसे भारत का पहला डिजिटल घुमंतु गांव घोषित किया गया है। बताया जाता है कि इस गांव में हाईटेक तरीके से खेती की जा रही है। ग्रामीण हाई-स्पीड वाई-फाई का उपयोग कर रहे हैं। गांव में स्पेशल होम स्टे बनाया गया है जो पर्यावरण के अनुकूल है। हिमालय की गोद में बसे इस गांव ने पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई है।

जिला प्रशासन ने इस गांव के अलावा इसके आसपास मौजूद अन्य गांवों को हाईटेक बनाने में जुटा है। माना जाता है कि याकेटन गांव के लोगों ने इसकी शुरुआत खुद से की थी। गांव के ही कुछ युवकों ने अपने गांव में सबसे पहले हाई-स्पीड वाई-फाई की सुविधा शुरू की। इसके बाद गांव के हर घर में वाई-फाई की सुविधा पहुंचाई गई। गांव के छात्र-छात्राओं को इसकी जानकारी दी गई। साथ ही ग्रामीणों को हाईटेक तरीके से खेती करने का प्रशिक्षण दिया गया। जब गांव का नाम मीडिया में सामने आया तो सिक्किम सरकार ने जिला प्रशासन को गांव को डिजिटल विलेज बनाने के लिए सहयोग करने का आदेश दिया। जिसके बाद प्रशासन की तरफ से गांव में हाईटेक उपकरण लगाए गए। आज याकटेन भारत का पहला डिजिटल गांव बन चुका है जो हिमालय की गोद में बसा है।

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First published on: Jul 30, 2025 04:03 PM

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News24 हिंदी

युवा पत्रकार मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2013 में ‘अमर उजाला’ गाजियाबाद से की थी। यहां इन्होंने अखबार में करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया। इसके बाद इन्होंने 2014 में ‘नवोदय टाइम्स‘ के लिए रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर कीं। करीब एक साल बाद 2015 में इनका ट्रांसफर गाजियाबाद से दिल्ली हो गया। दिल्ली में इन्होंने अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए। वर्ष 2016 में इनका ट्रांसफर दिल्ली से नोएडा हो गया। नोएडा में इन्होंने क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम तक किया। इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान इन्हें क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला। जुनेद अख्तर ने साल 2024 (जनवरी) में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। इस दौरान इन्होंने ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया। इस बीच 27 फरवरी 2025 को जुनेद अख्तर ने न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। यहां जुनेद अख्तर बतौर सब एडिटर काम कर रहे हैं। जुनेद यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखते हैं। इसके अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की खबरों पर भी नजर रखते हैं।

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Md Junaid Akhtar

युवा पत्रकार मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2013 में ‘अमर उजाला’ गाजियाबाद से की थी। यहां इन्होंने अखबार में करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया। इसके बाद इन्होंने 2014 में ‘नवोदय टाइम्स‘ के लिए रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर कीं। करीब एक साल बाद 2015 में इनका ट्रांसफर गाजियाबाद से दिल्ली हो गया। दिल्ली में इन्होंने अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए। वर्ष 2016 में इनका ट्रांसफर दिल्ली से नोएडा हो गया। नोएडा में इन्होंने क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम तक किया। इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान इन्हें क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला। जुनेद अख्तर ने साल 2024 (जनवरी) में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। इस दौरान इन्होंने ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया। इस बीच 27 फरवरी 2025 को जुनेद अख्तर ने न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। यहां जुनेद अख्तर बतौर सब एडिटर काम कर रहे हैं। जुनेद यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखते हैं। इसके अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की खबरों पर भी नजर रखते हैं।

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