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पाकिस्तान-चीन की उड़ेगी नींद! भारतीय एयरफोर्स में शामिल होंगे नए 114 राफेल

भारत 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद की तैयारी कर रहा है. इस डील से वायुसेना की ताकत बढ़ेगी और चीन-पाकिस्तान पर रणनीतिक दबाव बनेगा.

Author Written By: Varsha Sikri Updated: Feb 8, 2026 11:18
Indian Airforce to buy 114 rafale
Credit: Social Media

भारत अपनी सुरक्षा और वायुसेना की ताकत को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है. भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को लेकर तैयारी तेज कर दी गई है. रक्षा मंत्रालय और वायुसेना के बीच इस प्रस्ताव पर लगातार चर्चा हो रही है. रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक होने वाली है. इस बैठक में 114 राफेल विमानों की खरीद पर सहमति बन सकती है.

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क्यों जरूरी है नए लड़ाकू विमान?

भारतीय वायुसेना के कई पुराने विमान अब सेवा से बाहर हो रहे हैं. इससे स्क्वाड्रन की संख्या कम होती जा रही है. ऐसे में वायुसेना को आधुनिक और भरोसेमंद लड़ाकू विमानों की जरूरत है. राफेल एक मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जो हर मौसम में उड़ान भरने और दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला करने में सक्षम है. भारत पहले ही फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीद चुका है. ये विमान भारतीय वायुसेना में शामिल होकर अपनी काबिलियत साबित कर चुके हैं. इनकी तैनाती देश की अहम सीमाओं के पास की गई है. अब 114 नए राफेल आने से वायुसेना को और मजबूती मिलेगी.

चीन और पाकिस्तान पर क्या असर होगा?

इस प्रस्ताव की एक बड़ी खासियत ये है कि इसमें मेक इन इंडिया पर जोर दिया गया है. योजना के मुताबिक, कुछ विमान सीधे फ्रांस से लिए जा सकते हैं, जबकि ज्यादातर विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा. इससे देश के रक्षा उद्योग को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि राफेल की उन्नत तकनीक, लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें और आधुनिक रडार सिस्टम भारत को रणनीतिक रूप से मजबूत बनाएंगे. इससे चीन और पाकिस्तान पर दबाव बढ़ सकता है. फिलहाल ये प्रस्ताव मंजूरी के अलग-अलग चरणों में है. अंतिम फैसला कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की मंजूरी के बाद लिया जाएगा.

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First published on: Feb 08, 2026 11:08 AM

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