अमेरिकी कंपनियों के लिए चीन से सप्लाई चेन हटाने का विकल्प भारत बन सकता है. ये बात अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) जेमीसन ग्रीर ने एक इंटरव्यू में कही. ग्रीर भारत-अमेरिका ट्रेड डील को पूरा करने में अहम भूमिका निभा चुके हैं. ग्रीर ने भारत को 'वे-स्टेशन' बताया, यानी ऐसी जगह जहां कंपनियां अपने कारोबार को सुरक्षित और मजबूत तरीके से चला सकती हैं. उनका कहना है कि भारत की बड़ी आबादी और बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता अमेरिकी कंपनियों को आकर्षित कर रही है. उन्होंने बताया कि कई अमेरिकी कंपनियां पहले से ही चीन के बजाय भारत में निवेश और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम कर रही हैं.
खबर अपडेट की जा रही है...
अमेरिकी कंपनियों के लिए चीन से सप्लाई चेन हटाने का विकल्प भारत बन सकता है. ये बात अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) जेमीसन ग्रीर ने एक इंटरव्यू में कही. ग्रीर भारत-अमेरिका ट्रेड डील को पूरा करने में अहम भूमिका निभा चुके हैं. ग्रीर ने भारत को ‘वे-स्टेशन’ बताया, यानी ऐसी जगह जहां कंपनियां अपने कारोबार को सुरक्षित और मजबूत तरीके से चला सकती हैं. उनका कहना है कि भारत की बड़ी आबादी और बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता अमेरिकी कंपनियों को आकर्षित कर रही है. उन्होंने बताया कि कई अमेरिकी कंपनियां पहले से ही चीन के बजाय भारत में निवेश और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम कर रही हैं.
खबर अपडेट की जा रही है…