Hong Kong में गर्मी का 140 साल का रिकॉर्ड टूटा! इस महीने भारत में कितना चढ़ेगा पारा?

IMD Weather Latest Update: अप्रैल में गर्मी के तीखे तेवर लोगों को देखने पड़े हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में गर्मी तेज होगी। विदेशों में भी इस बार अप्रैल माह में गर्मी ने अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पर्वतीय इलाकों में भी गर्मी पहले के बजाय काफी अधिक रिकॉर्ड की गई है।

heat wave problems

इस बार गर्मी खूब दिखाएगी अपने तेवर।

India Heatwave Advisory: भारत में अप्रैल में जिस हिसाब से गर्मी ने परेशान किया है। माना जा रहा है कि मई में इसका और भी तीव्र रूप नजर आएगा। देश के मैदानी इलाकों के अलावा मध्य और प्रायद्वीपीय इलाकों में आने वाले दिनों में हीटवेव का असर दिख सकता है। अप्रैल की बात करें, तो 2023 की तुलना में भारत में अधिक गर्मी रिकॉर्ड हुई है। साफ आसमान के साथ लगातार बढ़ता पारा दिनोंदिन नया रिकॉर्ड बना रहा है। हिल स्टेशन भी गर्मी से बेहाल हैं, जहां आमतौर पर तापमान कम ही रहता है। आईएमडी यानी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से भी कहा गया है कि गर्मी का असर आने वाले दिनों में तेज होगा। आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने कहा है कि देश के कई इलाकों में काफी हीटवेव वाले दिन हो सकते हैं।

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राजस्थान के दक्षिणी इलाकों, पश्चिमी एमपी, गुजरात के अलावा महाराष्ट के हिस्सों में मई में 8 से 11 दिन तक लू चल सकती है। पूर्वोत्तर के अलावा उत्तर वेस्ट इंडिया के इलाकों, मैदानी इलाकों और मध्य क्षेत्र को छोड़कर अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम टेंपरेचर सामान्य से ऊपर रह सकता है। राजस्थान, पंजाब, पूर्वी मध्य प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, आंतरिक ओडिशा, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों, गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के साथ झारखंड, बिहार और तेलंगाना में 3 दिन तक लू चल सकती है।

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पश्चिम भारत, मध्य और प्रायद्वीपीय के साथ पूर्वोत्तर में इस बार सामान्य से अधिक बारिश हो
सकती है। अन्य हिस्सों में बारिश के आसार कम हैं। इस बार प्रायद्वीपीय इलाकों में भी गर्मी अधिक पड़ी है। कई राज्यों में स्कूल बंद होने के साथ ही हेल्थ एडवाइजरी तक जारी हुईं। आईएमडी ने कहा है कि 5 पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे, जिसके कारण उत्तर और मध्य भारत में बारिश के साथ ओले गिरे। लू नहीं चली।

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दो भागों में दिखा हीटवेव का असर

5 से 7 और 15 से 30 अप्रैल तक दो भागों में हीटवेव का असर दिखा। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में 1901 के बाद पहली बार 31 डिग्री तक पारा गया। पूर्व और पूर्वोत्तर में 28.12 सबसे अधिक औसत तापमान रहा है। दक्षिण भारत में 1901 के बाद 5वीं बार और 2001 के बाद दूसरी बार सबसे कम वर्षा हुई। बंगाल में 15 और ओडिशा में 9 साल के अंतराल में लू अधिक चली।

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1884 के बाद हॉन्गकॉन्ग सबसे अधिक गर्म

वहीं, हॉन्गकॉन्ग में पिछले 140 वर्षों में सबसे गर्म महीना अप्रैल रिकॉर्ड किया गया। 1884 के बाद बना ये रिकॉर्ड वहां के मौसम विभाग की ओर से बताया गया है। पिछले महीने हॉन्गकॉन्ग में सबसे अधिक 26.4 तक औसत तापमान नोट किया गया। उच्चतम दैनिक औसतन 28.8 और न्यूनतम 27.7 टेंपरेचर नोट किया गया।

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हॉन्गकॉन्ग के श्रम विभाग की ओर से भी अपने कर्मियों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। यहां श्रमिकों की आराम अवधि 30 मिनट से दोगुनी कर दी गई है। गर्मियों में कामगारों के मरने के बाद भी यहां हीटस्ट्रोक को काम से संबंधित चोट नहीं माना जाता है। जिसके खिलाफ लोग प्रदर्शन भी कर चुके हैं।

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