गृहमंत्री अमित शाह बोले, साइबर अपराध देश के लिए खतरा, कानून में बदलाव के दिए संकेत
Edited By Amit Kasana

केंद्रीय मंत्री अमित शाह
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केंद्रीय मंत्री अमित शाह
प्रशांत देव, फरीदाबाद: साइबर अपराध आज देश और दुनिया के सामने बहुत बड़ा खतरा है। इसके खिलाफ लड़ाई में गृह मंत्रालय कमर कस कर तैयार है। यह बातें केंद्रिय गृहमंत्री अमित शाह ने कहीं। गुरुवार को वह हरियाणा के फरीदाबाद में देश की आंतरिक सुरक्षा पर दो दिवसीय चिंतन शिविर में बोल रहे थे।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज हरियाणा के सूरजकुंड में दो दिवसीय चिंतन शिविर को संबोधित किया
प्रेस विज्ञप्ति-
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— PIB – Ministry of Home Affairs (@PIBHomeAffairs) October 27, 2022
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से आयोजित ये चिंतन शिविर देश के सामने मौजूद सभी चुनौतियों, जैसे, साइबर अपराध, नारकोटिक्स का प्रसार और सीमापार आतंकवाद आदि का मिलकर सामना करने के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि आज अपराधों का स्वरूप बदल रहा है और ये सीमारहित हो रहे हैं, इसीलिए सभी राज्यों को मिलकर एक साझा रणनीति बनाकर इसके खिलाफ लड़ना होगा। इस साझा रणनीति को बनाने और इस पर अमल के लिए मोदी सरकार ‘सहकारी संघवाद’, ‘Whole of Government’ तथा ‘टीम इंडिया’ एप्रोच के तहत केंद्र और राज्यों में 3C’s यानी कोऑपरेशन, कोआर्डिनेशन, कोलैबोरेशन को बढ़ावा दे रही है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्र, जम्मू-कश्मीर और नॉर्थईस्ट, जो पहले कभी हिंसा और अशांति के हॉट स्पॉट होते थे, वो अब विकास के हॉट स्पॉट बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 8 सालों में नॉर्थईस्ट में सुरक्षा की स्थिति में काफी सुधार हुआ है और 2014 के बाद से उग्रवाद की घटनाओं में 74 प्रतिशत, सुरक्षा बलों के हताहतों की संख्या में 60 प्रतिशत और नागरिकों की मृत्यु में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है। इसके अलावा NLFT, बोडो, ब्रू, कारबी आंगलोंग समझौते करके क्षेत्र में चिरस्थायी शांति स्थापित करने के प्रयास किए गए हैं जिनके अंतर्गत 9 हजार से अधिक उग्रवादियों ने सरेंडर किया है।
उन्होंने कहा कि नॉर्थईस्ट में शांति बहाल होने से 60 प्रतिशत से अधिक क्षेत्रों से AFSPA को हटा लिया गया है। वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति में सुधार पर श्री शाह ने कहा कि इन क्षेत्रों में हिंसा की घटनाओं में 77 प्रतिशत की कमी आई है और इन घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में 85% से अधिक की कमी दर्ज की गई है। शाह ने कहा कि 5 अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने के बाद से वहां शांति और प्रगति की एक नई शुरूआत हुई है। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त, 2019 के पहले के 37 महीनों और बाद के 37 महीनों की अगर तुलना की जाए तो आतंकवादी घटनाओं में 34 प्रतिशत और सुरक्षा बलों की मृत्यु में 54 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। गृहमंत्री ने इस विषय पर कानूनों में बदलाव के संकेत भी दिए।
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