भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस पहुंचे हुए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम मोदी फ्रांस के बेहद खूबसूरत और शांत शहर 'एवियन' (Evian) में ठहरें है, जिसकी चर्चा इस समय दुनियाभर में हो रही है. आल्प्स पहाड़ियों की तलहटी में और मशहूर लेक जेनेवा के खूबसूरत तट पर बसा यह शहर किसी जन्नत से कम नहीं है. ये शहर सिर्फ अपने आलीशान रिसॉर्ट्स के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे महंगे और शुद्ध कुदरती मिनरल वाटर के लिए भी मशहूर है. यहां पहाड़ों से रिसकर तैयार होने वाले पानी को दुनिया के 140 से अधिक देशों में सप्लाई किया जाता है.
पानी का 15 साल का रहस्यमयी सफर
एवियन के पानी की सबसे अनूठी विशेषता यह है कि इसे किसी आधुनिक फैक्ट्री में आर्टीफिशल तरीके से फिल्टर नहीं किया जाता और न ही इसमें ऊपर से कोई मिनरल्स मिलाए जाते हैं, यह पूरी तरह से कुदरत की देन है. दरअसल, फ्रेंच आल्प्स के पहाड़ों पर गिरने वाली बर्फ और बारिश का पानी जमीन के भीतर स्थित एक प्राचीन ग्लेशियल लेयर में जमा होता है.
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वहां से चट्टानों और मिट्टी की प्राकृतिक परतों से छनकर नीचे 'सोर्स कशू' (Source Cachat) झरने तक पहुंचने में इस पानी को लगभग 15 साल का लंबा समय लगता है. इस डेढ़ दशक की यात्रा में पानी प्राकृतिक रूप से शुद्ध हो जाता है और पहाड़ों की चट्टानों से कैल्शियम, मैग्नीशियम और बाई कार्बोनेट्स जैसे महत्वपूर्ण खनिज सोख लेता है. इसका पीएच लेवल (pH Level) 7.2 होता है, जो सेहत के लिए पूरी तरह से संतुलित और हल्का माना जाता है.
डेढ़ लीटर पानी की कीमत
यूनेस्को के रामसर कन्वेंशन के तहत इस पानी की शुद्धता को बनाए रखने के लिए इसके 35 वर्ग किलोमीटर के पहाड़ी जलग्रहण क्षेत्र को पूरी तरह से केमिकल और कीटनाशक मुक्त रखा गया है. झरने के स्रोत पर ही इस पानी को बिना किसी इंसानी हाथ के छुए सीधे बोतलों में पैक किया जाता है. कंपनी का दावा है कि जब कोई उपभोक्ता इस बोतल को खोलता है, तो वह पानी पहली बार बाहरी वातावरण के संपर्क में आता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसके एक से डेढ़ लीटर पानी की कीमत लगभग 500 रुपये तक होती है.
19वीं सदी से ही यह शहर अपने थर्मल स्पा और हीलिंग वाटर्स के कारण दुनिया भर के अमीर परिवारों, राजा-महाराजाओं और मशहूर हस्तियों का पसंदीदा हॉलिडे डेस्टिनेशन रहा है.
यह भी पढ़ें: ‘नाविकों की सुरक्षा भी जरूरी’, PM मोदी का ट्रंप को साफ संदेश, बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस पहुंचे हुए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम मोदी फ्रांस के बेहद खूबसूरत और शांत शहर ‘एवियन’ (Evian) में ठहरें है, जिसकी चर्चा इस समय दुनियाभर में हो रही है. आल्प्स पहाड़ियों की तलहटी में और मशहूर लेक जेनेवा के खूबसूरत तट पर बसा यह शहर किसी जन्नत से कम नहीं है. ये शहर सिर्फ अपने आलीशान रिसॉर्ट्स के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे महंगे और शुद्ध कुदरती मिनरल वाटर के लिए भी मशहूर है. यहां पहाड़ों से रिसकर तैयार होने वाले पानी को दुनिया के 140 से अधिक देशों में सप्लाई किया जाता है.
पानी का 15 साल का रहस्यमयी सफर
एवियन के पानी की सबसे अनूठी विशेषता यह है कि इसे किसी आधुनिक फैक्ट्री में आर्टीफिशल तरीके से फिल्टर नहीं किया जाता और न ही इसमें ऊपर से कोई मिनरल्स मिलाए जाते हैं, यह पूरी तरह से कुदरत की देन है. दरअसल, फ्रेंच आल्प्स के पहाड़ों पर गिरने वाली बर्फ और बारिश का पानी जमीन के भीतर स्थित एक प्राचीन ग्लेशियल लेयर में जमा होता है.
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वहां से चट्टानों और मिट्टी की प्राकृतिक परतों से छनकर नीचे ‘सोर्स कशू’ (Source Cachat) झरने तक पहुंचने में इस पानी को लगभग 15 साल का लंबा समय लगता है. इस डेढ़ दशक की यात्रा में पानी प्राकृतिक रूप से शुद्ध हो जाता है और पहाड़ों की चट्टानों से कैल्शियम, मैग्नीशियम और बाई कार्बोनेट्स जैसे महत्वपूर्ण खनिज सोख लेता है. इसका पीएच लेवल (pH Level) 7.2 होता है, जो सेहत के लिए पूरी तरह से संतुलित और हल्का माना जाता है.
डेढ़ लीटर पानी की कीमत
यूनेस्को के रामसर कन्वेंशन के तहत इस पानी की शुद्धता को बनाए रखने के लिए इसके 35 वर्ग किलोमीटर के पहाड़ी जलग्रहण क्षेत्र को पूरी तरह से केमिकल और कीटनाशक मुक्त रखा गया है. झरने के स्रोत पर ही इस पानी को बिना किसी इंसानी हाथ के छुए सीधे बोतलों में पैक किया जाता है. कंपनी का दावा है कि जब कोई उपभोक्ता इस बोतल को खोलता है, तो वह पानी पहली बार बाहरी वातावरण के संपर्क में आता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसके एक से डेढ़ लीटर पानी की कीमत लगभग 500 रुपये तक होती है.
19वीं सदी से ही यह शहर अपने थर्मल स्पा और हीलिंग वाटर्स के कारण दुनिया भर के अमीर परिवारों, राजा-महाराजाओं और मशहूर हस्तियों का पसंदीदा हॉलिडे डेस्टिनेशन रहा है.
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