साइबर फ्रॉड को लेकर एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. डिजिटल दौर में ठगी के तरीके अब आपकी रसोई तक पहुंच गए हैं. केरल पुलिस ने एलपीजी (LPG) गैस बुकिंग के नाम पर चल रहे एक बेहद खतरनाक स्कैम को लेकर देशभर में अलर्ट जारी किया है. साइबर ठग आजकल लोगों के मोबाइल पर ‘गैस बिल पेंडिंग’ या ‘बुकिंग अपडेट’ का फर्जी मैसेज भेज रहे हैं. जैसे ही कोई डरा हुआ उपभोक्ता इस मैसेज पर रिस्पॉन्स देता है. ठग उसे वॉट्सऐप (WhatsApp) पर एक एपीके (APK) फाइल भेजते हैं. जिसे इंस्टॉल करते ही आपके फोन का पूरा कंट्रोल हैकर्स के हाथ में चला जाता है. यह फ्रॉड इसलिए भी कामयाब हो रहा है क्योंकि गैस सिलेंडर एक रोजमर्रा की जरूरत है और लोग इससे जुड़े ‘अर्जेंट’ मैसेज देखकर बिना सोचे-समझे कदम उठा लेते हैं.
कैसे काम करता है यह ‘APK’ ट्रैप?
ठगी का यह जाल बहुत ही शातिर तरीके से बुना गया है. सबसे पहले आपके पास एक एसएमएस (SMS) आता है जिसमें दावा किया जाता है कि आपका गैस कनेक्शन कट जाएगा या सब्सिडी रुक जाएगी. जब आप दिए गए नंबर पर संपर्क करते हैं. तो ठग आपको एक फाइल डाउनलोड करने को कहते हैं जिसका नाम ‘Gas Bill Update.apk’ जैसा कुछ होता है. यह कोई सामान्य फाइल नहीं बल्कि एक जासूसी सॉफ्टवेयर है. इसे इंस्टॉल करते ही आपके फोन के मैसेज. कॉन्टैक्ट्स और गैलरी का एक्सेस ठगों के पास चला जाता है. इसके बाद वे आपके फोन पर आने वाले बैंक के ओटीपी (OTP) को खुद ही पढ़ लेते हैं और आपकी जानकारी के बिना आपके अकाउंट से पैसे साफ कर देते हैं.
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पुलिस की सख्त चेतावनी
साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस ने साफ किया है कि कोई भी आधिकारिक गैस एजेंसी या तेल कंपनी कभी भी वॉट्सऐप पर एपीके फाइल नहीं भेजती है. केरल पुलिस ने जनता को आगाह किया है कि अगर आपके पास ‘लास्ट चांस’ या ‘वॉर्निंग’ जैसे शब्दों वाले मैसेज आएं. तो उन पर भरोसा न करें. ठग अक्सर जल्दबाजी दिखाकर लोगों को डराते हैं ताकि वे घबराहट में गलती कर बैठें. हमेशा याद रखें कि गैस बुकिंग के लिए केवल आधिकारिक ऐप जैसे ‘Indane’, ‘HP Pay’ या आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें. किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करना अपनी मेहनत की कमाई को जोखिम में डालने जैसा है.
ठगी का शिकार होने पर क्या करें?
अगर आप अनजाने में ऐसे किसी झांसे में आ गए हैं या कोई संदिग्ध ऐप इंस्टॉल कर लिया है. तो सबसे पहले अपने फोन का इंटरनेट बंद करें और उसे ‘फैक्ट्री रिसेट’ करें. तुरंत अपने बैंक को सूचित कर कार्ड और नेट बैंकिंग ब्लॉक कराएं. भारत सरकार ने साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किया है. जिस पर कॉल करके आप अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा ‘cybercrime.gov.in’ पोर्टल पर भी जानकारी साझा करें. साइबर सुरक्षा का सबसे बड़ा नियम यही है कि कभी भी अपना ओटीपी. पिन या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें और अज्ञात स्रोतों से मिली फाइलों को फोन में जगह न दें.










