INDIA ब्लॉक और CJP के विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने विपक्ष की 2 मांगों को पूरा कर दिया. चुनाव आयोग ने 17 राज्यों में मतदाता सूचियों का स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) कराने की घोषणा की है. साथ ही इतिहास में पहली बार राजनीतिक दलों को मतदाता सूचियों की सॉफ्ट कॉपी देने का वादा किया है. हालांकि साल 2018 में कांग्रेस ने जब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके वोटर लिस्टों की कॉपी मांगी थी तो चुनाव आयोग ने प्राइवेसी संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए मतदाता सूचियों को जारी करने का विरोध किया था. लेकिन वर्तमान में SIR के बाद वोटर लिस्टों से 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए जाने के बाद विपक्ष आक्रामक हो गया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.
चुनाव आयोग ने 2 साल से नहीं कराया SSR
क्योंकि चुनाव आयोग विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) करा रहा था, इसलिए स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) पर रोक लगा दी थी. जबकि SSR के जरिए 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके युवाओं को वोटर रजिस्ट्रेशन किया जाता है. एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 के बाद से अब तक SSR नहीं कराया गया, जिस वजह से Gen-Z वोटर्स रजिस्ट्रेशन करा नहीं पाए. SIR में नागरिकता साबित करने या पिछली मतदाता सूचियों से नामों का मिलान करने के लिए डॉक्यूमेंट जमा कराने पड़ते हैं. जबकि SSR हर साल 18 साल के युवाओं के वोट बनाने के लिए कराया जाता है. चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, आखिरी SSR साल 2024 में हुआ था. SSR रोकने के CEC के फैसले के खिलाफ ही चुनाव आयुक्तों ने आवाज उठाई थी.
13 करोड़ नाम वापस जुड़ेंगे या नहीं जुड़ेंगे?
बता दें कि चुनाव आयोग पहले चरण में चुनावी राज्यों समेत 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SSR कराएगा, ताकि पिछले 2 साल में 18 साल के हो चुके युवा अपने वोट बनवा सकें. लेकिन यह क्लीयर नहीं है कि SIR के जरिए वोटर लिस्टों से हटाए गए 13 करोड़ नाम वापस जोड़े जाएंगे या नहीं जोड़े जाएंगे. इसलिए कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम ने चुनाव आयोग के फैसले की कड़ी आलोचना की है. पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम ने X पर ट्वीट में लिखा कि विरोध प्रदर्शनों और सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार को अक्ल आ गई है. करोड़ों नाम वोटर लिस्ट से अवैध रूप से हटाने के बाद चुनाव आयोग ने ‘छूटे हुए’ मतदाताओं को शामिल करने के लिए SSR शुरू किया है, लेकिन डबल खर्च के लिए जुर्माना लगना चाहिए.
पहली बार वोटर लिस्टों की सॉफ्ट कॉपी
बता दें कि चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों को वोटर लिस्टों की सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराने का फैसला किया है. विपक्ष काफी लंबे समय से इसकी मांग कर रहा था. चुनाव आयोग ने अपने अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे विपक्ष को जोड़े गए, हटाए गए और संशोधित नामों की वोटर लिस्टों की सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराएं. यह पहली बार होगा, जब राजनीतिक दलों को ड्राफ्ट और फाइनल वोटर लिस्टों की सॉफ्ट कॉपी PDF फॉर्मेट में उपलब्ध कराई जाएगी. अब तक चुनाव आयोग स्कैन किए गए डॉक्यूमेंट की PDF देता था, जिसमें कोई नाम सर्च नहीं किया जा सकता था, लेकिन अब जो कॉपी चुनाव आयोग देगा, उसमें किसी भी नाम या टेक्स्ट को सर्च किया जा सकेगा. कांग्रेस नेता कमलनाथ ने सबसे पहले साल 2018 में यह मुद्दा उठाया था.
संबंधित खबरें
विदेशी नागरिक भारत में प्रोटेस्ट में ले सकते हैं हिस्सा? क्या होगा एक्शन
8 mins ago'शांतिपूर्ण प्रदर्शन से नहीं, सरकार...', कारोबारियों की शिकायत पर दीपके
57 mins ago'सभी लोग समझदारी से...', CJP के तिरंगा मार्च से पहले याचिका पर बोला SC
1 hr agoदशहरा पर कितने दिनों बंद रहेंगे स्कूल? जानें पर छुट्टियां की लिस्ट
2 hrs ago'मैं तुम्हारा बॉस...', IAS ने महिला अधिकारी को कहे अपशब्द; VIDEO वायरल
2 hrs ago'आपके ही दोस्त थे...', सिंधिया-गुलाम नबी का नाम आते ही राहुल से बोले खरगे
3 hrs agoसंसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी, महिला आरक्षण बिल पर सरकार की खास योजना
3 hrs agoक्या ठंड ने दी दस्तक? हिमाचल-JK में बर्फबारी-बारिश, जानें कैसा रहेगा मौसम
4 hrs agoLIVE: तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दीपके के घर पहुंची दिल्ली पुलिस
6 hrs agoधारा 163, सेंट्रल पार्क बंद, 25000 जवान तैनात... आज CJP का तिरंगा मार्च
7 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines