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देशभर में SIR को लेकर बड़ा बदलाव, नए वोटरों के लिए बदला गया ‘फॉर्म 6’, जोड़ा गया नया सेक्शन, जानें क्या और फायदे?

Election Commission SIR Form: विशेष गहर पुनरीक्षण (SIR) में शामिल होने रहे देशवासियों के लिए बड़ी खबर है। चुनाव आयोग ने नए वोटरों के लिए बड़ा ऐलान किया है। फॉर्म-6 में नया सेक्शन जोड़कर इसे बदला गया है। हालांकि नया सेक्शन भरना मैंडेटरी नहीं, लेकिन इसे पूरा करने के बाद ही आगे बढ़ पाएंगे।

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भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़े एक बदलाव की घोषणा की है। चुनाव आयोग ने नए मतदाताओं के लिए ‘फॉर्म 6’ में बड़ा बदलाव किया है। दरअसल फॉर्म-6 में एक नया सेक्शन जोड़ा गया है, जिसके तहत उनके मां-बाप की जानकारी मांगी गई है। फॉर्म 6 उन लोगों के लिए है, जो 18 साल के हो चुके हैं। जो भारतीय नागरिकता लेने के बाद देश के वोटर बनना चाहते हैं। जिनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया था और वे फिर से अप्लाई करना चाहते हैं।

चुनाव आयोग ने क्यों किया फॉर्म में बदलाव?

चुनाव आयोग के द्वारा SIR प्रक्रिया के बीच में यह बदलाव इसलिए किया है, क्योंकि पिछले साल 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR होने के बाद करीब 5.58 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे, लेकिन इन लोगों के बच्चों पर पड़ने वाले असर को लेकर सवाल उठाए गए। खासकर पश्चिम बंगाल में अप्रैल 2026 मे हुए विधानसभा चुनाव से पहले ही करीब 27 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम लिस्ट से हट गए और वे मतदान नहीं कर पाए, जबकि उनकी शिकायतें लंबित हैं।

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डाउनलोड के लिए उपलब्ध नहीं है नया फॉर्म

शनिवार को चुनाव आयोग के ECINET पोर्टल पर जारी किए गए नए फॉर्म-6 के सेक्शन J और K के बीच बिना लेबल वाला एक डिक्लेरेशन फॉर्म नजर आया। लेकिन पोर्टल पर डाउनलोड के लिए जो फॉर्म-6 उपलब्ध है, उसमें नया फॉर्म नहीं है। बल्कि नया फॉम्र उन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आवेदकों के लिए दिखाई दे रहा था, जहां SIR प्रक्रिया 2025 में पूरी हो चुकी है या 2026 अभी चल रही है। हालांकि नया सेक्शन अनिवार्य नहीं है, लेकिन इसे पूरा किए बिना फॉर्म जमा नहीं होगा।

नए सेक्शन में 3 ऑप्शन में से एक भरना होगा

बता दें कि नए सेक्शन में 3 विकल्पों में से एक चुनना होगा। पहला, मेरा नाम पिछले SIR की वोटर लिस्ट में है। दूसरा, मेरे माता-पिता और दादा-दादी) का नाम पिछले SIR की वोटर लिस्ट में है। तीसरा, न तो मेरा नाम और न ही मेरे माता-पिता का नाम पिछले SIR की वोटर लिस्ट में है। पहले 2 ऑप्शन चुनने पर आवेदक को अपनी विधानसभा सीट का नाम, बूथ नंबर और पिछली SIR में अपने या अपने माता-पिता के नाम का सीरियल नंबर बताना होता है। वहीं अगर मांगी गई जानकारी नहीं है तो तीसरा ऑप्शन चुनना होगी, लेकिन आखिरी ऑप्शन चुनने पर क्या होगा, इसके बारे में फॉर्म में नहीं बताया गया है।

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इन 23 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR जारी

फरवरी 2026 में चुनाव आयोग ने 23 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR कराने का ऐलान किया था, जहां अप्रैल 2026 से SIR जारी है। वर्तमान में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू- कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, लद्दाख, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना, उत्तराखंड में SIR कराया जा रहा है। बिहार में SIR हो चुका है। साल 2025 में अंडमान निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु में SIR कराया गया था।

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First published on: Jul 12, 2026 07:38 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं एमफिल कोर्स किया है। 13 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हूं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के माल‍िकाना हक वाले News 24 हिंदी डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हूं। चीफ सब एडिटर की भूमिका निभाते हुए यहां की कोर टीम का हिस्सा हूं। नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम, फीचर आदि टॉपिक कवर करती हूं। घूमने, खाने और शॉपिंग की शौकीन खुशबू को नए ट्रेंड, नई जगह और ऐडवेंचर की तलाश रहती है।

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