ओडिशा के कटक शहर में सरकारी SCB मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के ट्रॉमा केयर ICU में लगी आग का कारण शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है. माना जा रहा है कि पुराने बिजली के तारों पर लोड बढ़ने की वजह से शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसने देखते ही देखते पास में रखे मेडिकल उपकरणों और बेड को अपनी चपेट में ले लिया. ट्रॉमा केयर यूनिट की पहली मंजिल पर स्थित ICU में आग लगने से घना धुआं फैल गया, जिसके कारण कई गंभीर हालत वाले मरीजों को बचाया नहीं जा सका. अस्पताल में उस समय 23 मरीज भर्ती थे, जिनमें से अधिकांश क्रिटिकल थे. हादसे में 10 मरीजों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं.
#WATCH | Odisha CM Mohan Charan Majhi expressed deep grief over the fire in the Trauma Care ICU of SCB Medical College and Hospital, Cuttack. He visited the site, ordered a judicial probe, and directed safe shifting of patients.
The CM also announced Rs 25 lakh ex-gratia from… pic.twitter.com/QiS26y1LNJ---विज्ञापन---— ANI (@ANI) March 16, 2026
समय पर काम नहीं कर पाया अलार्म सिस्टम
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग लगने के शुरुआती कुछ मिनटों में अस्पताल का फायर अलार्म सिस्टम समय पर काम नहीं कर पाया. जब तक सुरक्षाकर्मियों और नर्सों को खतरे का अहसास हुआ, तब तक आग वार्ड के एक बड़े हिस्से को कवर कर चुकी थी. इसी देरी ने हादसे को भीषण बना दिया. अस्पताल के वार्ड में मौजूद ऑक्सीजन सिलेंडर, सैनिटाइजर और बेड के गद्दे ने आग के लिए ‘ईंधन’ का काम किया. ऑक्सीजन की मौजूदगी से आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे दमकल कर्मियों को भी अंदर घुसने में भारी मशक्कत करनी पड़ी. भारी धुएं के कारण विजिबिलिटी शून्य हो गई थी, जिससे खिड़कियां तोड़कर मरीजों को बाहर निकालना पड़ा.
ज्यूडिशियल इंक्वायरी के आदेश
हादसे का असली कारण जानने के लिए हाई-लेवल जांच और ज्यूडिशियल इंक्वायरी का आदेश दिया गया है. अस्पताल स्टाफ, फायर ब्रिगेड की 3 गाड़ियों और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर घंटों तक आग पर काबू पाने की कोशिश की. दर्जनों मरीजों को सुरक्षित दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया और लाइफ सपोर्ट पर रखा गया. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, घायलों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है. स्वास्थ्य सचिव, कटक के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की.










