ओडिशा: अस्पताल के ICU में कैसे फैली आग? शुरुआती जांच में खुलीं हादसे की परतें

ओडिशा के कटक में SCB मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ट्रॉमा केयर ICU में लगी आग ने सुरक्षा इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. हादसे में 10 मरीजों की मौत हो गई, जबकि 11 अस्पताल स्टाफ के झुलसने की बात कही गई है. हाई-लेवल जांच के आदेश दिए गए हैं. क्या कहती है शुरुआती जांच?

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ओडिशा के कटक शहर में सरकारी SCB मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के ट्रॉमा केयर ICU में लगी आग का कारण शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है. माना जा रहा है कि पुराने बिजली के तारों पर लोड बढ़ने की वजह से शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसने देखते ही देखते पास में रखे मेडिकल उपकरणों और बेड को अपनी चपेट में ले लिया. ट्रॉमा केयर यूनिट की पहली मंजिल पर स्थित ICU में आग लगने से घना धुआं फैल गया, जिसके कारण कई गंभीर हालत वाले मरीजों को बचाया नहीं जा सका. अस्पताल में उस समय 23 मरीज भर्ती थे, जिनमें से अधिकांश क्रिटिकल थे. हादसे में 10 मरीजों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं.

समय पर काम नहीं कर पाया अलार्म सिस्टम

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग लगने के शुरुआती कुछ मिनटों में अस्पताल का फायर अलार्म सिस्टम समय पर काम नहीं कर पाया. जब तक सुरक्षाकर्मियों और नर्सों को खतरे का अहसास हुआ, तब तक आग वार्ड के एक बड़े हिस्से को कवर कर चुकी थी. इसी देरी ने हादसे को भीषण बना दिया. अस्पताल के वार्ड में मौजूद ऑक्सीजन सिलेंडर, सैनिटाइजर और बेड के गद्दे ने आग के लिए ‘ईंधन’ का काम किया. ऑक्सीजन की मौजूदगी से आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे दमकल कर्मियों को भी अंदर घुसने में भारी मशक्कत करनी पड़ी. भारी धुएं के कारण विजिबिलिटी शून्य हो गई थी, जिससे खिड़कियां तोड़कर मरीजों को बाहर निकालना पड़ा.

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ज्यूडिशियल इंक्वायरी के आदेश

हादसे का असली कारण जानने के लिए हाई-लेवल जांच और ज्यूडिशियल इंक्वायरी का आदेश दिया गया है. अस्पताल स्टाफ, फायर ब्रिगेड की 3 गाड़ियों और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर घंटों तक आग पर काबू पाने की कोशिश की. दर्जनों मरीजों को सुरक्षित दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया और लाइफ सपोर्ट पर रखा गया. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, घायलों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है. स्वास्थ्य सचिव, कटक के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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