Congress Satyagraha: राजीव शुक्ला बोले- गांधी अहिंसा के पुजारी थे, लेकिन एक्शन जरूर चाहते थे; शेर को सवा शेर मिलना चाहिए
Edited By Bhola Sharma

Rajeev Shukla Statement On Rahul Gandhi Speech
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Rajeev Shukla Statement On Rahul Gandhi Speech
Congress Satyagraha: राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने रविवार को राजघाट पर ‘संकल्प सत्याग्रह’ कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘जब तक हम सक्रिय नहीं होंगे, तब तक कुछ नहीं होगा। शहीद भगत सिंह भी जब अदालत जाते थे, तो उनके साथी गाते जाते थे कि सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। वक्त आने पर बता देंगे तुम्हें ये आसमां, हम अभी से क्या बताएं, क्या हमारे दिल में हैं।’
राजीव शुक्ला ने कार्यकर्ताओं से पूछा कि आज हम सब लोग राजघाट पर क्यों आए? कभी आपने सोचा क्या? क्यों हम सत्याग्रह कर रहे हैं? क्यों ये सोचा गया कि हम बापूजी के चरणों में चलें। बापूजी किस बात के प्रतीक थे? राजघाट पर लगी एक तस्वीर की ओर इशारा करते हुए राजीव शुक्ला ने कहा कि मैं उस तस्वीर की बात नहीं कर रहा हूं, जिसे कोने में मोदी सरकार ने लगाया है। जिसमें मोदी की तस्वीर से गांधीजी की फोटो एक इंच छोटे लगाए हैं।
"हम सभी मिलकर इस विजय को हासिल करेंगे…इन्हें करारा जवाब देना होगा"
मोदी सरकार पर Congress सांसद Rajeev Shukla ने साधा निशाना@ShuklaRajiv #Congress pic.twitter.com/YDWfiMz82e
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अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए राजीव ने कहा कि हम यहां इसलिए आए हैं, क्योंकि गांधी प्रतीक थे संघर्ष के, बलिदान के। गांधीजी क्या राष्ट्रपति थे? मिनिस्टर थे? कभी किसी पद पर नहीं रहे। 1923 या 24 में एक बार कांग्रेस अध्यक्ष जरूर रहे हैं। इसके अलावा किसी पद पर नहीं रहे। लेकिन इन सभी लोगों से, जितने लोग पदों पर बैठे हैं उनसे बड़े आज गांधीजी रहे।
आज हमें उनके चरणों में आना पड़ा। गांधीजी ने हमें संघर्ष सिखाया है, तो राहुल गांधी को निकाल दीजिए संसद से। क्या फर्क पड़ता है। वे एमपी न रहें, मंत्री न रहें, पीएम का ऑफर बहुत पहले मिला था। वे भले ही किसी पद पर न रहें, लेकिन गांधीजी की तरह लड़ते रहेंगे।
राजीव शुक्ला ने कहा कि यहां खरगे जी बैठे हैं, मैं कहता हूं एक नजीर मिल गई है। हमारे पास वकीलों का एक ग्रुप है। हम भी शुरू करते हैं मानहानि करना। गांधी अहिंसा के पुजारी थे, लेकिन एक्शन जरूर चाहते थे। शेर को सवा शेर मिलना चाहिए। हम मानहानि का दावा कभी करते नहीं हैं। चलो छोड़ो, कहकर छोड़ देते हैं। इससे कुछ नहीं होने वाला है।
"शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है
जिस डाल पे बैठे हो वो टूट भी सकती है।": ‘संकल्प सत्याग्रह’ में @ShuklaRajiv जी pic.twitter.com/TNkWKOBbSW
— Congress (@INCIndia) March 26, 2023
सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि देश के कानून मंत्री किरेन रिजिजू जो कभी कांग्रेसी हुआ करते थे, वे कहते हैं सुप्रीम कोर्ट के कई जज राष्ट्र विरोधी हैं। इससे बड़ा मानहानि का मामला कोई नहीं हो सकता है। जाना चाहिए हमें अटॉर्नी जनरल के पास, ये उन्हें बताना चााहिए कि कौन एंटी नेशनल जज है? या फिर उन्हें ले जाओ कोर्ट में।
कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘जब तक हम सक्रिय नहीं होंगे, तब तक कुछ नहीं होगा। शहीद भगत सिंह भी जब अदालत जाते थे तो उनके साथी गाते जाते थे कि सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। वक्त आने पर बता देंगे तुम्हें ये आसमां, हम अभी से क्या बताएं, क्या हमारे दिल में हैं।’
"गांधी की लड़ाई अहिंसक हो सकती है..लेकिन उनकी लड़ाई कार्रवाई से भरपूर थी..हमें अब जवाब देना होगा"
राजघाट से कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला का संबोधन @ShuklaRajiv #Congress pic.twitter.com/b9usCXk2bo
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अखिर में राजीव शुक्ला ने बशीर बद्र के एक शेर के जरिए कहा, ‘शोहरत की बुलंदी भी एक पल का तमाशा है और जिस साख पर बैठे हो वो टूट भी सकती है।’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘ये बात ध्यान में रखना चाहिए कि 24 (2024 लोकसभा चुनाव) आ रहा है, आप नीचे भी आ सकते हैं। अगर ये सोचो कि हमेशा सत्ता में रहेंगे, हम तो 50 साल के लिए आ गए, कहीं कुछ न होगा, तो ये आपकी बड़ी भूल है।’
राजीव शुक्ला ने 45 साल पुराने एक वाकये का जिक्र भी किया। कहा कि जब इंदिराजी को छोटी सी बात पर प्रिविलेज कमेटी से बाहर किया गया, तो जनता उन्हें साढ़े तीन सौ सीटों से वापस लेकर आई थी। 2024 का चुनाव नजदीक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि धैर्य रखिए, हिम्मत रखो, जुटे रहो, हम सभी आपके साथ हैं। हम इस विजय को हासिल करेंगे।
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