पिछले दिनों केंद्र सरकार की ओर से ईद-उल-फितर के मौके पर ‘सौगात-ए-मोदी’ की खास पेशकश की गई थी। मुस्लिमों के लिए दी गई इस किट में सेवइयां, सूजी, मेवे, बेसन, चीनी और वस्त्र शामिल थे। देशभर में लगभग 32 लाख मुस्लिमों को ये किट दी गईं। बीजेपी ने इस पहल को ‘सबका साथ-सबका विकास’ से जोड़कर बताया था। हालांकि कई विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने इस किट का विरोध किया था। मुस्लिम नेताओं ने इसे वक्फ संशोधन विधेयक से भी जोड़कर देखा। अब जब ये विधेयक लोकसभा में पेश हुआ तो कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार पर तंज कसने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इमरान मसूद ने ‘सौगात-ए-मोदी’ पर तंज किया।
हमें सौगात-ए-मोदी में रोजगार दीजिए
इमरान मसूद ने इस बिल पर चर्चा करते हुए सदन में कहा- ”हमें सौगात-ए-मोदी में रोजगार दे दीजिए। हमें सौगात-ए-मोदी में मोहब्बत दे दीजिए। वक्फ मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया (WAMSI) पोर्टल का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा- इसका बार-बार जिक्र हो रहा था।
#WATCH | #WaqfAmendmentBill | Congress MP and Imran Masood says, “WAMSI portal was being mentioned again and again…10 years is a long time. You could not register all properties in 10 years…You could not do this work in 10 years but now you say that properties have to be… pic.twitter.com/RwkRU07CSc
— ANI (@ANI) April 2, 2025
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10 साल में नहीं कर सके प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन
दस साल बहुत लंबा समय होता है। आप 10 साल में सभी संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन ही नहीं कर सके। आप 10 साल में यह काम नहीं कर सके, लेकिन अब आप कहते हैं कि प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन 6 महीने के भीतर करना होगा। अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो वे संपत्तियां अब वक्फ की नहीं रहेंगी।
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ऐसे में पूछना चाहता हूं कि रजिस्ट्रेशन कौन करेगा? क्या आपके अधिकारी ऐसा करेंगे। जब यह 10 साल में नहीं किया जा सका तो 6 महीने में कैसे पूरा किया जाएगा? यह एक संविधान विरोधी विधेयक है।”
कौन हैं इमरान मसूद?
इमरान मसूद कांग्रेस के लोकसभा सांसद हैं। उन्होंने 2024 में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा और शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने बीजेपी के राघव लखनपाल को शिकस्त दी थी। इससे पहले इमरान मसूद तीन बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके हैं। उनकी गिनती कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में होती है।
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