नया साल सभी के लिए खुशियां लेकर आया है. इसी मौके पर केंद्र सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म पर काम करने वालों के लिए बड़ा ऐलान किया है. सरकार ने चार लेबर कोड को लागू करने का फैसला लिया है, जिसके लिए ड्राफ्ट नियम जारी किए गए हैं. गिग और प्लेटफॉर्म पर काम करने वालों की अच्छी सिक्योरिटी के लिए ये ऐलान किया गया है. अब उन्हें मिनिमम मजदूरू, सोशल सिक्योरिटी, बेहतर इलाज जैसी सुविधाएं मिलेंगी.
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किन्हें मिल सकेंगी सुविधाएं?
दरअसल, गिग वर्कर्स काफी वक्त से सैलरी, वर्किंग कंडिशन और सेफ्टी को लेकर देशभर में हड़ताल कर रहे थे. जिसके बाद केंद्र सरकार ने चार नए नियम जारी किए हैं. ड्राफ्ट के मुताबिक, गिग वर्कर्स को तभी ये सुविधाएं मिलेंगी, जब वो पिछले फाइनेंशियल ईयर में किसी एक कंपनी में कम से कम 90 दिन पूरे कर चुके हों.अगर कर्मचारियों ने अलग-अलग कंपनियों के साथ काम किया है, तो उनके लिए 120 दिन पूरे करना जरूरी है.
क्या है शर्तें?
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने जो ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं, उसके मुताबिक 16 साल से ज्यादा उम्र के गिग वर्कर्स को अपने आधार नंबर और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके रजिस्टर करना होगा. एग्रीगेटर्स को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर या यूनिक ID बनाने के लिए गिग वर्कर्स या प्लेटफॉर्म वर्कर्स की डिटेल्स एक सेंट्रल पोर्टल पर शेयर करनी होंगी. रजिस्टर्ड वर्कर को एक पहचान पत्र दिया जाएगा, ये कार्ड सरकारी पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है. केंद्र सरकार एक अधिकारी या एजेंसी को एग्रीगेटर्स से योगदान इकट्ठा करने और उसे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार अथॉरिटी के तौर पर नामित करेगी. इकट्ठा किया गया योगदान सोशल सिक्योरिटी फंड के हिस्से के तौर पर गिग वर्कर्स या प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए बनाए गए एक अलग अकाउंट में रखा जाएगा.
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नया साल सभी के लिए खुशियां लेकर आया है. इसी मौके पर केंद्र सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म पर काम करने वालों के लिए बड़ा ऐलान किया है. सरकार ने चार लेबर कोड को लागू करने का फैसला लिया है, जिसके लिए ड्राफ्ट नियम जारी किए गए हैं. गिग और प्लेटफॉर्म पर काम करने वालों की अच्छी सिक्योरिटी के लिए ये ऐलान किया गया है. अब उन्हें मिनिमम मजदूरू, सोशल सिक्योरिटी, बेहतर इलाज जैसी सुविधाएं मिलेंगी.
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किन्हें मिल सकेंगी सुविधाएं?
दरअसल, गिग वर्कर्स काफी वक्त से सैलरी, वर्किंग कंडिशन और सेफ्टी को लेकर देशभर में हड़ताल कर रहे थे. जिसके बाद केंद्र सरकार ने चार नए नियम जारी किए हैं. ड्राफ्ट के मुताबिक, गिग वर्कर्स को तभी ये सुविधाएं मिलेंगी, जब वो पिछले फाइनेंशियल ईयर में किसी एक कंपनी में कम से कम 90 दिन पूरे कर चुके हों.अगर कर्मचारियों ने अलग-अलग कंपनियों के साथ काम किया है, तो उनके लिए 120 दिन पूरे करना जरूरी है.
क्या है शर्तें?
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने जो ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं, उसके मुताबिक 16 साल से ज्यादा उम्र के गिग वर्कर्स को अपने आधार नंबर और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके रजिस्टर करना होगा. एग्रीगेटर्स को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर या यूनिक ID बनाने के लिए गिग वर्कर्स या प्लेटफॉर्म वर्कर्स की डिटेल्स एक सेंट्रल पोर्टल पर शेयर करनी होंगी. रजिस्टर्ड वर्कर को एक पहचान पत्र दिया जाएगा, ये कार्ड सरकारी पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है. केंद्र सरकार एक अधिकारी या एजेंसी को एग्रीगेटर्स से योगदान इकट्ठा करने और उसे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार अथॉरिटी के तौर पर नामित करेगी. इकट्ठा किया गया योगदान सोशल सिक्योरिटी फंड के हिस्से के तौर पर गिग वर्कर्स या प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए बनाए गए एक अलग अकाउंट में रखा जाएगा.
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