Akshay Shinde Postmortem Report: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर रेप केस के आरोपी अक्षय शिंदे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सिर में गोली लगने के बाद ज्यादा खून बहने से अक्षय शिंदे की मौत हो गई। सिर की बाईं ओर गोली का निशान मिला है। अक्षय शिंदे को 23 सितंबर दिन सोमवार को पुलिस ने नवी मुंबई की तलोजा जेल से ठाणे जिले के बदलापुर ले जाते समय एनकाउंटर में ढेर कर दिया था।
यह भी पढ़ें:हादसे में 7 लोगों की मौत, ट्रक में भिड़ी कार, श्यामला जी मंदिर से लौट रहा था परिवार
अक्षय शिंदे का पोस्टमार्टम मंगलवार शाम को करीब 7 घंटे चला। 5 डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया और इस दौरान पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। अक्षय शिंदे का शव अभी तक परिवार ने लिया नहीं है, इसलिए शव को छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल की मोर्चरी में रखा जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मुंब्रा पुलिस को हैंडओवर कर दी गई है। वहीं केस की जांच CID कर रही है और सरकार ने केस की जांच रिपोर्ट भी तलब की है।
नेशनल ह्यूमन राइट कमीशन की SOP अनुसार पोस्टमार्टम
बता दें कि अक्षय शिंदे का पोस्टमार्टम नेशनल ह्यूमन राइट कमीशन के निर्देशों पर और एक SOP को फॉलो करके किया गया। महाराष्ट्र पुलिस की CID को पोस्टमार्टम कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पोस्टमार्टम मुंबई के जेजे अस्पताल में किया गया।
पुलिस के दावों की खुल गई पोल
बता दें कि अक्षय शिंदे का एनकाउंटर करने वाले इंस्पेक्टर संजय शिंदे ने अपने बयान में बताया था कि जब अक्षय को ले जाया जा रहा था तो वह अचानक आक्रामक हो गया और उसने सुरक्षा कर्मी के हाथ से पिस्तौल छीन ली थी। उसने फायरिंग भी की थी, इससे बचने के लिए उन्हें सेल्फ डेफेंस में गोली चलानी पड़ी।
गोली अक्षय को लगी और उसकी मौत हो गई, जबकि सवाल यह उठाया गया था कि अगर सेल्फ डेफेंस में गोली चलाई गई तो गोली सीधे सिर में कैसे लगी? वहीं सिर में गोली लगने का मतलब है कि टारगेट करके गोली मारी गई, ऐसे में यह सीधा-सीधा एनकाउंटर है, न कि सेल्फ डेफेंस में चली गोली लगने से मौत।
राकांपा (SP) की सांसद सुप्रिया सुले ने भी यही कहते हुए एनकाउंटर पर सवाल उठाए थे कि पुलिस कस्टडी में चेहरे पर काला कपड़ा ढके, हाथों में हथकड़ी पहने शख्स को पिस्तौल नजर कैसे आई और उसने वह छीन कैसे ली?