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अलर्ट! भयंकर गर्मी दस्तक देने को तैयार, क्या इस साल टूटेंगे रिकॉर्ड? पढ़ें AL Nina को लेकर बड़ा अपडेट

AL Nino Prediction: दिल्ली समेत पूरे भारत में इस बार समर सीजन में भयंकर गर्मी पड़ सकती है और इस साल शुरू हुआ गर्मी का पैटर्न साल 2028 तक जारी रहेगा। क्योंकि प्रशांत महासागर में अल नीना एक्टिव हो रहा है तो इस बार गर्मी में तापमान भी सामान्य से ज्यादा ही रह सकता है।

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Edited By : Khushbu Goyal Updated: Feb 10, 2026 10:31
Summer Weather AL Nina Prediction
दिल्ली में इस बार सर्दी की तरह गर्मी भी सामान्य से ज्यादा पड़ सकती है।

AL Nino Prediction: सर्दी अलविदा कहने वाली है और गर्मी दस्तक देने वाली है। राजधानी दिल्ली का तापमान फरवरी के दूसरे हफ्ते में ही 26 डिग्री है तो महीने के आखिर तक यह 30 डिग्री तक पहुंच सकता है। अनुमान लगा लीजिए कि मार्च और अप्रैल के महीने में दिल्ली में तापमान का क्या हाल होगा और फिर जून-जुलाई में इस बार कितनी गर्मी पड़ सकती है?

जी हां, इस बार गर्मी के मौसम में 2024-2025 की रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बाद सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ सकती है औ साल 2028 तक यह दौर जारी रहेगा, यानी अगले 3 साल भारत समेत पूरी दुनिया को भीषण गर्मी झेलनी पड़ सकती है। इसकी वजह प्रशांत महासागर में अल नीनो का एक्टिव होना और जलवायु परिवर्तन के कारण घटती बारिश से मौसम चक्र का टूटना है।

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चौथा सबसे गर्म साल रह सकता है 2026

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) देशभर के कई राज्यों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हो गई और न्यूनतम तापमान भी बढ़ने लगा है। ऐसे में मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि साल 2026 भी 23-24-25 की तरह सबसे गर्म साल साबित हो सकता है। इसकी वजह हाई लेवल की कार्बन-डाई-ऑक्साइड गैस का उत्सर्जन होना है और प्रशांत महासागर में अल नीनो एक्टिव होने की संभावना है। अल नीनो के कारण तापमान में बढ़ोतरी होगी और बारिश का पैटर्न भी बदेगा।

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2027 में भी तापमान तोड़ सकता रिकॉर्ड

वहीं अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के मौसम विज्ञानियों का कहना है कि साल 2026 में एक्टिव होने का अल नीनो के साल 2027 तक मजबूत तरीके से विकसित होने का अनुमान है, जिसके चलते साल साल 2027 में वैश्विक तापमान रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचेगा और इसका असर पूरी दुनिया के मौसम पर पड़ेगा। अगर ऐसा हुआ तो साल 2027 पिछले 3 साल के मुकाबले बहुत ज्यादा गर्म होगा। भारत में जहां तापमान सामान्य से ज्यादा रहेगा, वहीं जंगलों में अग्निकांड होने के आसार रहेंगे।

भारत के मौसम पर कैसा रहेगा असर?

बता दें कि अल नीनो के असर से मार्च से अप्रैल 2026 तक दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर भारत में तापमान सामान्य रह सकता है। वहीं गरज-चमक के साथ होने वाली बारिश भीषण गर्मी से राहत दिलाएगी, जिस वजह से गर्मी थोड़े समय के लिए ही रहेगी। मई से जून के मध्य तक उत्तर और पश्चिम भारत में लू चलने से भयंकर कर्मी पड़ेगी, लेकिन बारिश होने की संभावना नहीं है। क्योंकि अल नीनो के असर से तापमान बढ़ेगा और बारिश का पैटर्न बदलेगा, जिस वजह से ज्यादा गर्मी पड़ेगी।

कमजोर ला नीना खत्म होने की ओर बढ़ा

मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि प्रशांत महासागर में अल नीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) के तहत अल नीनो, ला नीना और तटस्थ मौसम की परिस्थिति रहती है, जिससे गर्म, ठंडा और बारिश के मौसम का पैटर्न प्रभावित होता है। वर्तमान में ला नीना एक्टिव है, जो अब कमजोर पड़ने लगा है और जल्दी खत्म हो जाएगा। गर्मियों की शुरुआत होते ही अल नीनो विकसित होने लगेगा और भारतीय उपमहाद्वीप में तापमान बढ़ने लगेगा। साथ ही मानसून की बारिश पर इसका असर पड़ सकता है।

ओडिशा में इस तरह का मौसम रहेगा

अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार, मार्च, अप्रैल और मई में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है, लेकिन यह 2024 और 2023 जितना भीषण गर्मी वाला नहीं होगा। भारत में गर्मी की शुरुआत ओडिशा राज्य से होती है ओर पिछले कई साल से देखा जा रहा है कि ओडिशा में गर्मी फरवरी में ही शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। क्योंकि अल नीनो का असर जून-जुलाई तक पड़ने की संभावना है, जिससे मानसून की बारिश अनियमित रहेगी।

ओडिशा में लू ज्यादा नहीं चलेगी और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण रुक-रुक कर बारिश होगी, लेकिन स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण गर्मी बढ़ जाएगी। ओडिशा में बढ़ते शहरीकरण और वाहनों से होने वाले प्रदूषण के कारण गर्मी पिछले कुछ साल से असामान्य रूप से अधिक पड़ेगी।

First published on: Feb 10, 2026 08:54 AM

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