150 Pakistani Brides Reach India: 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद वीजा और ट्रैवल पर लगी पाबंदियों की वजह से महीनों तक इंतजार की हद पार करने के बाद, भारतीय दूल्हों से सगाई करने वाली तकरीबन 150 पाकिस्तानी महिलाएं आखिरकार अपनी शादी के लिए भारत पहुंच गई हैं. सालों से पाकिस्तान के सिंध प्रांत के परिवार शादी-ब्याह के लिए वाघा-अटारी बॉर्डर से भारत आ सकते थे. लेकिन अप्रैल-मई 2025 के बाद हालात बदल गए, जिससे वीजा और अटारी रूट से आने-जाने पर पाबंदियां लग गईं थीं.

इंतजार हुआ खत्म

नागपुर के कम्युनिटी लीडर राजेश झांबिया ने रविवार, 23 जुलाई को कहा, 'आखिरकार लंबा इंतजार खत्म हो गया है.' लगातार कोशिशों के बाद, केंद्र सरकार ने इन महिलाओं और उनके रिश्तेदारों को वीजा दिया. चूंकि अटारी रूट से डायरेक्ट ट्रैवल करने की इजाजत नहीं थी, इसलिए परिवारों ने ओमान, यूएई और श्रीलंका जैसे देशों के ट्रांजिट पॉइंट से इंडिया में एंट्री की.

---विज्ञापन---

इन देशों के जरिए भारत पहुंचीं दुल्हनें

पाकिस्तान से आए सिंधी प्रवासियों के लिए काम करने वाले झांबिया ने पीटीआई को बताया, 'दुल्हनें और उनके परिवार वाले मस्कट, दुबई, श्रीलंका और दूसरे देशों के ट्रांजिट रूट से भारत पहुंचे हैं.' उन्होंने याद दिलाया कि पहले सिंधी परिवार शादी से जुड़े सफर के लिए वाघा-अटारी रूट का यूज करते थे. उन्होंने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर के बाद सब कुछ बदल गया, क्योंकि सरकार ने उन सभी लोगों के वीजा रिजेक्ट कर दिए जो अटारी रूट से देश आने की योजना बना रहे थे.'

धार्मिक संस्था ने की मदद

झांबिया ने बताया कि इसके बाद कम्यूनिटी ने सिंध के घोटकी में के एक अहम हिंदू तीर्थस्थल 'शादानी दरबार' के बड़े संत युधिष्ठिरलाल शादानी से मदद मांगी. श्राइन ने भारतीय पुरुषों से सगाई करने वाली पाकिस्तानी महिलाओं की जानकारी जुटाई और उनके और उनके परिवारों के लिए वीजा की मांग करते हुए गृह मंत्रालय से संपर्क किया.

---विज्ञापन---

इन शहरों में होगी शादियां

झांबिया ने कहा, 'तकरीबन 150 दुल्हनें थीं जिनकी शादी नागपुर, रायपुर, जोधपुर, पुणे और भारत के अन्य शहरों में होनी थी.' खबरों के मुताबिक मंत्रालय ने उन्हें एयर ट्रैवल करने की शर्त पर भारत आने की इजाजत दी. उन्होंने कहा, 'इस साल अप्रैल से पाकिस्तान से 150 दुल्हनें और उनके परिवार शादी के लिए दुबई, ओमान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अन्य देशों के रास्ते भारत आए हैं. इनमें नागपुर के 15 मामले शामिल हैं.' झांबिया ने बताया कि पाकिस्तान में तकरीबन 300 और महिलाएं वीजा का इंतजार कर रही हैं और समुदाय ने अधिकारियों से उनकी यात्रा को भी आसान बनाने की गुजारिश की है.

---विज्ञापन---