बीएमसी चुनाव के नतीजों के बाद महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट बैठक में शनिवार को दोनों उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार नहीं पहुंचे. शिंदे मुंबई में ही हैं, वहीं अजित पवार पुणे में हैं, लेकिन फिर भी दोनों कैबिनेट बैठक में नहीं पहुंचे. बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र नगर निकायों के चुनाव नतीजों के बाद से दोनों डिप्टी सीएम नाराज चल रहे हैं. जहां, शिवसेना की ओर से बताया गया है कि एकनाथ शिंदे बीमार हैं, वहीं, अजित पवार बारामती में अपने चाचा शरद पवार से मिलने उनके घर पहुंचे हैं.
#WATCH | Baramati | After the results of the Maharashtra civic polls yesterday, Dy CM Ajit Pawar visits NCP-SCP chief Sharad Pawar. Visuals from outside Sharad Pawar's residence. pic.twitter.com/gZ2RtXkcPX
---विज्ञापन---— ANI (@ANI) January 17, 2026
एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, शिवसेना के सभी नगरसेवकों को दोपहर तीन बजे बांद्रा में ताज लैंड्स एंड होटल पहुंचने के लिए कहा गया है. बताया जा रहा है कि शिवसेना के नगरसेवकों और नेताओं का कहना है कि मुंबई में ढाई–ढाई साल के लिए महापौर पद दिया जाए. शिंदे गुट की मांग है कि बालासाहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर शिवसेना का महापौर बैठे. इस मुद्दे पर भाजपा और शिवसेना के नेताओं के बीच चर्चा जारी. अब सबकी नजर इस पर है कि इस बातचीत का नतीजा क्या निकलता है.
बता दें, मुंबई के 227 वार्डों में से भाजपा ने 89, शिवसेना (यूबीटी) ने 65, शिवशेना (शिंदे) ने 29, कांग्रेस ने 24, मनसे ने 6, एनसीपी (अजित पवार) ने 3 और एनसीपी (शरद पवार) ने 1 में जीत हासिल की है.
वहीं, दूसरी ओर मनसे चीफ राज ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि MNS और शिवसेना (UBT) के वर्कर्स ने अच्छा मुकाबला किया. राज ठाकरे, ‘यह दुख की बात है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली, लेकिन हम हिम्मत हारने वालों में से नहीं हैं. चुने कार्यकर्ता वहां के शासकों को वहीं दफना देंगे. और अगर उन्हें लगेगा कि मराठी लोगों के खिलाफ कुछ हो रहा है, तो वे उन शासकों को जरूर सजा दिलाएंगे.’
साथ ही उन्होंने कहा, ‘यह लड़ाई हमारे वजूद की है. आप सब जानते हैं कि ऐसी लड़ाइयां लंबे समय तक चलती हैं. हम सब मिलकर एनालाइज करेंगे और काम करेंगे कि क्या गलत हुआ, क्या छूट गया, क्या कमी थी और क्या करने की जरूरत है.’
वहीं, शिवसेना (UBT) X हैंडल से मराठी में पोस्ट किया गया है. जिसमें लिखा गया है, ‘यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है… यह तब तक जारी रहेगी जब तक मराठी लोगों को वह सम्मान नहीं मिल जाता जिसके वे हकदार हैं!’
बता दें, बीएमसी चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने हाथ मिला लिया था. दोनों की पार्टियों ने गठबंधन करके चुनाव लड़ा है.










