Arthritis Disease: अर्थराइटिस यानी गठिया आज की बदलती लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्या है। आर्थराइटिस बढ़ती उम्र की परेशानी नहीं है, इसके अनेक कारण हो सकते हैं। जैसे- बदलती जीवनशैली, अनहेल्दी खानपान, गंभीर चोट, जोड़ों में कमजोरी, मोटापा आदि हो सकता है। कभी-कभी ऐसा होता है कि आपका मन हुआ कसरत करने का या 10 किमी पैदल कहीं चलने का, तो इनसे भी जोड़ों को नुकसान हो सकता है।

विज्ञापन

क्योंकि जब कोई काम हम करते नहीं है और एकदम से करने लगते हैं तो शरीर पर प्रभाव पड़ता है। आर्थराइटिस होने पर घुटनों और कुल्हे की हड्डियों पर ज्यादा असर पड़ता है। इसमें जोड़ों में सूजन और जोड़ टेढ़ें होने शुरू हो जाते हैं।

विज्ञापन

गठिया या ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या भी बढ़ रही है। घुटनों में लगी चोट हो या लगातार जोड़ों में होने वाले दर्द को बिलकुल भी हल्के में न लें। अगर कार्टिलेज का नुकसान हो जाए, तो उसका हल सर्जरी होता है। जिसके बाद हमारी दिनचर्या नार्मल हो जाती है। महिलाओं में हड्डियों का कमजोर होना मेनोपॉज की वजह से भी होता है। अर्थराइटिस के लक्षण आमतौर पर वक्त के साथ विकसित हो जाते हैं, लेकिन कभी-कभी अचानक भी दिखने लगते हैं। आमतौर पर 65 साल से ज्यादा उम्र वालों में देखा जाता है, लेकिन अब बच्चों, किशोर और युवाओं में भी होने लगा है। इन सबका हल है हमारी संतुलित दिनचर्या।

विज्ञापन

इन बातों का रखें ध्यान

  • ब्लड शुगर और वजन को कंट्रोल रखें
  • जोड़ों में लचीलापन बनाए रखने के लिए स्ट्रेचिंग करें
  • खेलते समय या कोई काम करते वक्त ध्यान रखें कि चोट न लगे
  • ओमेगा 3 फैटी एसिड से बनी चीजें भरपूर खाएं
  • जोड़ों का दर्द बढ़ने पर अच्छे डॉक्टर से मिलें

Disclaimer: इस लेख में बताई गई जानकारी और सुझाव को पाठक अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। News24 की ओर से किसी जानकारी और सूचना को लेकर कोई दावा नहीं किया जा रहा है।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ