Disadvantages Of French Fries: डिप्रेशन और चिंता को बढ़ाता है फ्रेंच फ्राइज! रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Disadvantages Of French Fries: आज के दौर में शायद ही कोई ऐसा होगा जिसे फ्रेंच फ्राइज पसंद ना हो। बदलते समय के साथ हर किसी का ये पसंदीदा फूड बनता जा रहा है। हर किसी को पता होता है कि ये एक ऑयली फूड है, बावूजद इसके लोग इस बड़े चाव से खाते हैं।फ्रेंच फ्राइज […]

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Disadvantages Of French Fries: आज के दौर में शायद ही कोई ऐसा होगा जिसे फ्रेंच फ्राइज पसंद ना हो। बदलते समय के साथ हर किसी का ये पसंदीदा फूड बनता जा रहा है। हर किसी को पता होता है कि ये एक ऑयली फूड है, बावूजद इसके लोग इस बड़े चाव से खाते हैं।

फ्रेंच फ्राइज से कई तरह के नुकसान भी होते हैं और ये इंसान के मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। वहीं, अब एक रिसर्च में पाया गया है कि फ्रेंच फ्राइज डिप्रेशन और चिंता के जोखिम को बढ़ा देता है।

डिप्रेशन और चिंता को बढ़ाता है फ्रेंच फ्राइज

दरअसल, एक रिसर्च में सामने आया है कि कोई भी तला हुआ खाना या ऑयली फूड या फिर लगातार तले हुए आलू का सेवन डिप्रेशन और चिंता के उच्च जोखिम से जुड़ा हुआ है।

रिसर्च में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से तले हुए खाने जैसे- फ्रेंच फ्राइज का सेवन करते हैं, उन लोगों में तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन न करने वाले लोगों की तुलना में चिंता से संबंधित परेशानियों को विकसित करने की संभावना 12 प्रतिशत ज्यादा होती है।

ज्यादा घातक हो सकता है फ्रेंच फ्राइज का लगातार सेवन

साथ ही जो लोग तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं उनमें तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन न करने वाले लोगों की तुलना में डिप्रेशन का खतरा 7 फीसदी ज्यादा बढ़ जाता है। तले हुए खाने का सवेन युवा अधिक मात्रा में करते हैं और इसलिए ये उनके लिए ज्यादा घातक हो सकता है।

शोधकर्ताओं का है ये कहना

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस पर शोधकर्ताओं का कहना है कि- रिसर्च के परिणाम प्रारंभिक हैं और अभी यह नहीं साफ किया जा सकता कि तले हुए खाद्य पदार्थ मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को बढ़ावा देता है या फिर मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों वाले लोग तले हुए खाद्य पदार्थों की ओर रुख करते हैं।

डिप्रेशन के लक्षणों वाले लोग खाते हैं आराम देने वाले खाद्य पदार्थ

साथ ही स्टडी में सामने आया है कि- चिंता और डिप्रेशन के लक्षणों वाले लोग ज्यादातर आराम देने वाले खाद्य पदार्थों का ही सेवन करते हैं। इस रिसर्च में चिंता के कुल 8,294 मामले और डिप्रेशन के 12,735 मामले उन लोगों में पाए गए, जो तले हुए भोजन का सेवन ज्यादा तरते हैं। इसमें वो लोग शामिल नहीं हैं, जिनमें पहले से डिप्रेशन के लक्षण हैं।

Disclaimer: संबंधित लेख पाठक की जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के लिए है। न्यूज24 इस लेख में प्रदत्त जानकारी और सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि इसके बारे में चिकित्सीय सलाह जरूर लें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

First published on: Apr 29, 2023 01:44 PM

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About the Author

Nancy Tomar

नैन्सी तोमर News24 Bag Convergence में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और एक डिजिटल पत्रकार हैं. नैन्सी मुख्य रूप से एंटरनेटमेंट बीट (मनोरंजन) की खबरें लिखती हैं. नैन्सी ने साल 2022 में हिमगिरी जी यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BVJMC) की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही नैन्सी ने जी मीडिया में काम शुरू कर दिया था, जहां पर उन्हें न्यूजरूम, डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग, सोशल मीडिया और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला है. नैन्सी टीवी एक्ट्रेस अविका गौर, हर्षवर्धन राने, इनरान जैद, सिंगर अली जावेद समेत फिल्म और टीवी से जुड़ी कई हस्तियों का इंटरव्यू कर चुकी हैं. वह टीवी, बॉलीवुड से लेकर भोजपुरी और साउथ सिनेमा से जुड़ी खबरें लिखती हैं. पत्रकारिता में अनुभव: 7 साल डिग्री: हिमगिरी जी यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BVJMC) की डिग्री हासिल की है. पिछला अनुभव: नैन्सी न्यूज24 से पहले जी न्यूज में मनोरंजन की खबरें लिखती थीं. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने टीवी, सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया और यू्ट्यूब पर 'विरासत' जैसा शो भी किया है. विशेषज्ञता और फोकस नैन्सी तोमर को मनोरंजन की खबरों की अच्छी समझ है. नैन्सी मनोरंजन की खबरों के लिए फिल्मी हस्तियों के सोशल मीडिया प्रोफाइल पर नजर बनाए रखती हैं.

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