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Sri Lanka crisis : थाईलैंड में 90 दिन तक रुक सकते हैं पूर्व राष्ट्रपति राजपक्षे  

 बैंकॉक: थाईलैंड ने बुधवार को श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे द्वारा देश में शरण मांगने की खबरों का खंडन किया है। थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसे राजपक्षे से राजनीतिक शरण मांगने के इरादे से देश की यात्रा करने का अनुरोध नहीं मिला है। समाचार एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक थाईलैंड […]

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 बैंकॉक: थाईलैंड ने बुधवार को श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे द्वारा देश में शरण मांगने की खबरों का खंडन किया है। थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसे राजपक्षे से राजनीतिक शरण मांगने के इरादे से देश की यात्रा करने का अनुरोध नहीं मिला है। समाचार एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक थाईलैंड मंत्रालय के प्रवक्ता तनी संगरत ने कहा राजपक्षे ने शरण नहीं मांगी है। उन्होंने अपनी यात्रा में शरण देने को नहीं कहा।

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आगे प्रवक्ता ने कहा कि थाईलैंड में राजनयिक पासपोर्ट पर राजपक्षे के प्रवेश में कोई समस्या नहीं है। वह राजनयिक के तौर पर 90 दिनों तक रह सकते हैं। बता दें कि मालदीव के बाद थाईलैंड दूसरा दक्षिण पूर्व एशियाई देश होगा जहां राजपक्षे श्रीलंका से भागने के बाद अस्थायी आश्रय लेंगे।

कल जा सकते हैं बैंकॉक

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मीडिया में आई खबरों के मुताबिक 11 अगस्त को पूर्व राष्टपति सिंगापुर से बैंकॉक जा सकते हैं। गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति को पिछले महीने मालदीव से सिंगापुर के चांगी हवाई अड्डे पर पहुंचने पर 14 दिनों का यात्रा पास जारी किया गया था । उन्हें वहां दो सप्ताह तक रहने की अनुमति दी गई थी। श्रीलंकाई संसद के अध्यक्ष महिंदा यापा अभयवर्धने ने 15 जुलाई को राजपक्षे के आधिकारिक इस्तीफे की घोषणा की थी। गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे के बाद रानिल विक्रमसिंघे ने 21 जुलाई को संसद में मुख्य न्यायाधीश जयंत जयसूर्या के समक्ष श्रीलंका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।

 

First published on: Aug 10, 2022 09:26 PM

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Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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