Ravindra Jadeja: क्रिकेट के इतिहास में कुछ पारियां ऐसी होती हैं, जो टीम की हार और जीत से कहीं ऊपर होती हैं। ऐसी इनिंग्स को सालों-साल याद रखा जाता है। कुछ ऐसी पारी लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर रविंद्र जडेजा खेल रहे हैं। इंग्लैंड की जीत और भारत की हार के बीच में सर जडेजा सीना तानकर खड़े हुए हैं। एक के बाद एक बल्लेबाज जड्डू का साथ छोड़कर पवेलियन लौट रहा है, लेकिन वह क्रीज पर डटे हुए हैं। इंग्लैंड का पेस अटैक जडेजा के आगे बेबस नजर आ रहा है। जड्डू अपनी फिफ्टी पूरी कर चुके हैं। अर्धशतक पूरा करने के साथ ही जडेजा ने लॉर्ड्स में वो कारनामा कर डाला है, जो पिछले 93 साल में कोई भी भारतीय बल्लेबाज नहीं कर सका था।
लॉर्ड्स में जडेजा का बड़ा कारनामा
रविंद्र जडेजा ने लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में 72 रनों की दमदार पारी खेली थी। वही, दूसरी इनिंग में भी वह टी-ब्रेक तक 56 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं। जडेजा लॉर्ड्स टेस्ट की दोनों ही पारियों में अर्धशतक जमाने वाले महज दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह कारनामा 93 साल पहले वीनू मांकड़ ने किया था। वीनू ने साल 1932 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए टेस्ट की दोनों ही इनिंग्स में फिफ्टी जमाई थी।
जडेजा ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए नीतीश कुमार रेड्डी संग मिलकर आठवें विकेट के लिए 30 रनों की अहम पार्टनरशिप जमाई। इसके बाद जड्डू को जसप्रीत बुमराह का अच्छा साथ मिला और दोनों ने 9वें विकेट के लिए 35 रन जोड़े। टी-ब्रेक तक जडेजा 162 गेंदों का सामना कर चुके हैं। इस पारी के दौरान जडेजा अब तक 4 चौके और एक सिक्स जमा चुके हैं।
आर्चर ने बरपाया कहर
टेस्ट के पांचवें दिन की शुरुआत ही टीम इंडिया के लिए अच्छी नहीं हुई। जोफ्रा आर्चर के हाथ से निकली कमाल की बॉल पर ऋषभ पंत क्लीन बोल्ड हो गए। पंत के आउट होने के बाद टीम के स्कोर बोर्ड पर अभी 10 रन और ही लगे थे कि केएल राहुल भी 39 रन बनाकर बेन स्टोक्स का शिकार बन गए। एक रन बाद ही आर्चर ने वॉशिंगटन सुंदर को बिना खाता खोले पवेलियन की राह दिखा दी। नीतीश कुमार रेड्डी भी सिर्फ 13 रन बनाकर चलते बने। बुमराह ने कमाल का धैर्य दिखाते हुए 54 गेंदों का सामना किया और 5 रन बनाए। हालांकि, बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में वह अपना विकेट गंवा बैठे।