YouTube Shorts Parental Control Rule: बच्चों और किशोरों की ऑनलाइन सेफ्टी को लेकर YouTube ने एक बड़ा कदम उठाया है. प्लेटफॉर्म ने बुधवार को तीन अहम बदलावों का ऐलान किया, जिनका सीधा असर पैरंट्स और टीन्स पर पड़ेगा. इन बदलावों के बाद माता-पिता अब बच्चों के YouTube इस्तेमाल पर ज्यादा कंट्रोल रख सकेंगे, खासतौर पर Shorts देखने की आदत पर. साथ ही, टीन्स के लिए बेहतर कंटेंट को बढ़ावा देने और फैमिली अकाउंट मैनेजमेंट को आसान बनाने पर भी फोकस किया गया है.
बच्चों के Shorts देखने पर पैरंट्स का कंट्रोल
YouTube का सबसे बड़ा बदलाव Shorts से जुड़ा है. अब सुपरवाइज्ड टीन अकाउंट इस्तेमाल करने वाले पैरंट्स यह तय कर सकेंगे कि उनका बच्चा Shorts कितनी देर तक देखे. इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर Shorts को पूरी तरह बंद करने का ऑप्शन भी दिया जाएगा. कंपनी का कहना है कि इससे पैरंट्स पढ़ाई के समय Shorts को सीमित कर सकते हैं और ट्रैवल या फ्री टाइम में थोड़ी छूट दे सकते हैं.
Bedtime और Break रिमाइंडर होंगे कस्टमाइज
YouTube ने टीन्स की डिजिटल वेलबीइंग पर भी ध्यान दिया है. अब पैरंट्स अपने बच्चों के लिए Bedtime और “Take a Break” रिमाइंडर को खुद कस्टमाइज कर सकेंगे. इसका मकसद यह है कि बच्चे लंबे समय तक लगातार स्क्रीन पर न रहें और समय पर ब्रेक लें.
टीन्स के लिए ‘क्वालिटी कंटेंट’ की नई गाइडलाइंस
दूसरा बड़ा बदलाव टीन्स के लिए दिखाए जाने वाले कंटेंट से जुड़ा है. YouTube ने यह तय करने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं कि किशोरों के लिए किस तरह का कंटेंट बेहतर और अर्थपूर्ण माना जाएगा. इन नियमों को Youth Advisory Committee, रिसर्चर्स और चाइल्ड डेवलपमेंट एक्सपर्ट्स की मदद से तैयार किया गया है.
क्रिएटर्स और रिकमेंडेशन सिस्टम पर असर
YouTube इन गाइडलाइंस को क्रिएटर्स के साथ भी शेयर करेगा, ताकि वे जिम्मेदारी के साथ टीन्स के लिए कंटेंट बना सकें. साथ ही, यही फ्रेमवर्क YouTube के रिकमेंडेशन सिस्टम पर भी लागू होगा. इसका मतलब है कि टीन्स के फीड में अब एजुकेशनल और एक्सप्लेनर वीडियो ज्यादा नजर आ सकते हैं, जबकि कम क्वालिटी वाले कंटेंट को कम प्रमोट किया जाएगा.
फैमिली अकाउंट सेटअप होगा और आसान
तीसरा बदलाव परिवारों के लिए अकाउंट मैनेजमेंट को आसान बनाने से जुड़ा है. अभी YouTube 18 साल से कम उम्र के यूजर्स को पहले से ही अतिरिक्त सेफ्टी के साथ अकाउंट देता है. आने वाले हफ्तों में पैरंट्स एक नए साइन-अप सिस्टम के जरिए बच्चों के अकाउंट बना सकेंगे और मोबाइल ऐप में अलग-अलग फैमिली अकाउंट्स के बीच आसानी से स्विच कर पाएंगे.
क्या बदलेगा
इन तीनों बदलावों का मकसद साफ है- YouTube को बच्चों और किशोरों के लिए ज्यादा सुरक्षित, बैलेंस्ड और पैरंट्स फ्रेंडली बनाना. Shorts पर कंट्रोल, बेहतर कंटेंट की पहचान और आसान अकाउंट मैनेजमेंट के साथ अब पैरंट्स को बच्चों की डिजिटल आदतों पर पहले से ज्यादा पकड़ मिल सकेगी.
ये भी पढ़ें- अब Grok AI से नहीं बना पाएगा किसी की भी अश्लील फोटो, बवाल के बाद कई फीचर्स किए बंद, नियमों में बदलाव










