Virtual Reality (VR) headset: वर्चुअल रियलिटी (VR) हेडसेट पर देश-विदेश की कई बड़ी टेक कंपनियां काम कर रही हैं। इन टेक कंपनियों का दावा है कि स्मार्टफोन की तरह आने वाले समय में यह हर घर की जरूरत बनेगा। इंटरनेट क्रांति के बाद यह आधुनिक तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के बेहतर यूज का एक स्मार्ट नमूना है। बिना ट्रैक पर उतरे फॉर्मूला 1 रेसिंग कार चलाने का अहसास लेना हो या घर बैठे रोलर कोस्टर का थ्रिल फील करना हो Virtual Reality हमें बिना किसी रोक-टोक के ऑफिस वर्क से लेकर गेमिंग तक वो सब करने की आजादी देता है जो भागदौड़ की जिंदगी में समय की किल्लत होने का बहाना बना हम नहीं कर पा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर कर रहा ट्रेंड
पीएम नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में काशी रोपवे का इंस्पेक्शन करते हुए वर्चुअल रियलिटी (VR) हेडसेट का यूज किया। हाल ही में कुछ यूट्यूब इन्फ्लुएंसर ने 24 घंटे वीआर हेडसेट पहनने का चैलेंज लिया था, जो सोशल मीडिया पर काफी ट्रेंड में रहा था।
इससे कैसा दिखता है
वर्चुअल रियलिटी ऐसी तकनीक है जो हमें अपने से किसी दूर चीज का पास होने का अहसास कराती है। वीआर हेडसेट पहनने के बाद हम जहां देखते या सिर घुमाते हैं, वहीं हमें अपनी सिलेक्ट की गई तस्वीरें या वीडियो दिखाई देंगी।
कर सकते हैं दुनिया की सैर
कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर पर बेस्ड यह टेक्नोलॉजी घर बैठे हमें दुनिया की सैर करवा सकता है। मसलन आप रोपवे पर नहीं बैठे लेकिन उस पर बैठने का फील लेना चाहते हैं तो वीआर हेडसेट पहननकर आप इसका अहसास कर सकते हैं।
साउंड और मोशन का लाइव अहसास
वीआर में हमें 360 डिग्री एंगल से वीडियो या फोटो दिखाई पड़ती है। इसमें साउंड और मोशन को हम उस जगह लाइव होने जैसा अहसास करते हैं। यंगस्टर्स में गेमिंग के लिए यह काफी पॉपपुर है।
तीन तरह के हेडसेट
पीसी से कनेक्ट कर हमे इससे गेमिंग के अलावा किसी इवेंट को लाइव देख सकते हैं। इसके अलावा हम इसे हम स्मार्टफोन में भी यूज कर सकते हैं। बाजार में कार्डबोर्ड वीआर डिवाइस, प्लास्टिक हेडसेट्स और गियर वीआर हेडसेट आते हैं
कीमत और कब से हो रहा काम
इंडिया में वीआर हेडसेट की कीमत 1200 रुपये से शुरू हो जाती है। जो 50000 रुपये तक जाती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक साल अप्रैल 1993 में आधिकारिक तौर पर पहला वीआर हेडसेट पेश किया गया था। इससे पहले 1961 से साफ्टवेयर इंजीनियर काम करने लगे थे।