Sony To Stop Manufacturing Bravia TVs: कई सालों तक भारतीय और ग्लोबल बाजार में Sony TV का नाम भरोसे की पहचान रहा है. शानदार पिक्चर क्वालिटी, दमदार साउंड और प्रीमियम ब्रांड इमेज-यही वजह थी कि Sony को सस्ते विकल्पों से अलग माना जाता था. अब यह पहचान एक नए दौर में प्रवेश कर रही है. Sony ने चीन की कंपनी TCL के साथ एक बड़ी रणनीतिक साझेदारी का ऐलान किया है, जिसके तहत कंपनी अब अपने Bravia टीवी खुद मैन्युफैक्चर नहीं करेगी. Sony का टीवी और होम ऑडियो बिजनेस एक नई जॉइंट वेंचर कंपनी के तहत चलेगा, जिसकी कमान TCL के हाथ में होगी.
Sony-TCL डील क्या है
इस समझौते के तहत बनने वाली नई जॉइंट वेंचर कंपनी में TCL की 51 फीसदी हिस्सेदारी होगी, जबकि Sony के पास 49 फीसदी शेयर रहेंगे. यानी कंपनी पर कंट्रोल TCL का होगा. यह नई यूनिट अप्रैल 2027 से काम शुरू कर सकती है, बशर्ते सभी रेगुलेटरी और कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी मंजूरियां समय पर मिल जाएं. दोनों कंपनियों का कहना है कि मार्च के अंत तक इस डील को अंतिम रूप दे दिया जाएगा.
क्या Sony टीवी बिजनेस से बाहर हो रही
पहली नजर में यह खबर ऐसा लग सकती है कि Sony टीवी बाजार से बाहर निकल रही है, लेकिन हकीकत ऐसा नहीं है. Bravia ब्रांड, जिसने पिछले साल 20 साल पूरे किए, आगे भी जारी रहेगा. आने वाले टीवी Sony और Bravia के नाम से ही बिकेंगे. फर्क सिर्फ इतना होगा कि अब टीवी की मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी से जुड़े फैसलों में TCL की भूमिका ज्यादा अहम होगी. यानी बॉक्स पर नाम वही रहेगा, लेकिन पर्दे के पीछे काम करने का तरीका बदल जाएगा.
Sony और TCL का अलग-अलग सफर
Sony ने दशकों में अपनी टीवी पहचान बनाई है. Trinitron दौर से लेकर आज तक कंपनी कलर एक्यूरेसी, स्मूद मोशन और बेहतर साउंड प्रोसेसिंग पर फोकस करती आई है, जिसे फिल्ममेकर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के हिसाब से ट्यून किया जाता रहा है. दूसरी तरफ TCL का सफर काफी तेज रहा है. पहले किफायती स्मार्ट टीवी के लिए जानी जाने वाली TCL ने हाल के वर्षों में डिस्प्ले टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स और सप्लाई चेन में भारी निवेश किया है.
इस साझेदारी के पीछे की वजह
Sony और TCL के मुताबिक, यह जॉइंट वेंचर Sony की पिक्चर और ऑडियो टेक्नोलॉजी, ब्रांड वैल्यू और अनुभव को TCL की डिस्प्ले एक्सपर्टीज, बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन और कम लागत वाली मैन्युफैक्चरिंग से जोड़ देगा. Sony के लिए यह कदम इसलिए जरूरी है क्योंकि आज के टीवी बाजार में मुनाफा कमाना मुश्किल होता जा रहा है और कीमत को लेकर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा है.
टीवी इंडस्ट्री का बदलता माहौल
ग्लोबल टीवी मार्केट में Samsung, LG, Hisense और TCL जैसी कंपनियां बड़े स्तर पर मुकाबला कर रही हैं. Sony पहले ही LCD और OLED पैनल खुद बनाना बंद कर चुकी है और अब बाहरी सप्लायर्स पर निर्भर है. वहीं TCL लगातार अपनी पैनल मैन्युफैक्चरिंग बढ़ा रही है और चीन में Samsung की कुछ LCD से जुड़ी संपत्तियां भी अपने हाथ में ले चुकी है. यही अंतर Sony के लिए कीमत और मुनाफे के बीच संतुलन बनाना मुश्किल कर रहा था.
Bravia अब तक कैसे टिका रहा
इन चुनौतियों के बावजूद Bravia इसलिए बना रहा क्योंकि एक खास वर्ग के ग्राहक आज भी Sony की इमेज प्रोसेसिंग, साउंड ट्यूनिंग और प्रोफेशनल कैमरा व फिल्ममेकिंग इकोसिस्टम से उसके जुड़ाव को अहमियत देते हैं. हालांकि, लगातार डिस्काउंट, तेजी से बदलते फीचर्स और स्मार्ट टीवी में सीमित अलग पहचान के चलते सिर्फ ब्रांड पर भरोसा करना आसान नहीं रह गया था.
ग्राहकों के लिए इसका मतलब
इस साझेदारी का असर आने वाले समय में ग्राहकों पर भी दिख सकता है. उम्मीद है कि Sony ब्रांड वाले टीवी पहले से ज्यादा प्रतिस्पर्धी कीमत पर उपलब्ध हो सकेंगे. Sony के प्रेसिडेंट और CEO किमियो माकी ने कहा है कि TCL के साथ मिलकर कंपनी दुनिया भर के ग्राहकों को और बेहतर ऑडियो-विजुअल अनुभव देना चाहती है. साथ ही, यह कदम Sony के होम एंटरटेनमेंट प्रोडक्ट्स को ऐसे बाजार में ज्यादा सुलभ बनाने की दिशा में भी देखा जा रहा है, जहां कीमत अक्सर सबसे बड़ा फैक्टर बन जाती है.
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